बरेली, दोहना के पास एल्डिगो मैदान में किसान सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में देश के युवा, गरीब, किसान के लिए जो वादे किए थे। वह सभी पूरे हो रहे हैं । कभी कहा जाता था कि भारत दुनिया की नकल करता है लेकिन मोदी सरकार के बाद दुनिया भारत के दिखाए रास्ते पर चल रही है। दुनिया कोरोना से त्रस्त थी, तब हमारे किसान खेत से सोना उगा रहे थे। वे राष्ट्र कल्याण के कार्य में लगे थे। भारत की प्रगति से जलन करने वाले लोग ये सब स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। जिन्हें देश की प्रगति अच्छी नहीं लग रही, वे झूठ बोलकर लोगों को व्यवस्था से अलग करने का प्रयास कर रहे हैं । मगर, हम सत्य के आग्रही हैं। उसी राह पर चलेंगे। मोदी जी ने कहा था कि खेत से बाजार तक एक चेन बनायेंगे, जो कि किसानों की प्रगति का मार्ग सरल करेगा। अब यह कार्य किया जा रहा।
नाम में होता है भाव
उन्होंने कहा कि नाम में भाव होता है। हमारे पूर्वजों ने इसी आधार पर नाम रखे। सुबह हो तो राम राम, जीवन यात्रा खत्म हो तो राम। विपक्ष को इस बात से परेशानी हो रही है कि अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। दूसरी परेशानी उसे इस बात से है कि कश्मीर से धारा 370 क्यों हटा दी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके विरोध में आवाज उठाई और बलिदान दे दिया। उन्होंने इस दौरान जय श्री राम और भारत माता के नारे भी लगे। उन्होंने कहा कि मैं एक मुस्लिम धर्म गुरु का बयान पढ़ रहा था। जिसमे वो 370 हटाने का समर्थन करते हुए मुख्य धारा से कश्मीर को जोड़ने को सही बता रहे थे। कोरोना के काल खंड में भारत के प्रदर्शन की सराहना दुनिया कर रही है। दुनिया ने भारत के प्रबंधन को कोरोना काल में स्वीकार किया है लेकिन इसमें भी विपक्ष को परेशानी है। अब किसानों की जमीन को कब्जाने की हिम्मत किसी में नहीं है। जिन्हें किसानों की खुशहाली अच्छी नहीं लग रही है। वही भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। आज उसी भ्रम को दूर करने आया हूं।
36 करोड़ की कर्जमाफी
सरकार बनते ही हमने किसानों का 36 हज़ार करोड़ की कर्ज माफी की। उसके बाद किसानों की उपज के क्रय के लिए व्यवस्था की गई। किसानों को कहीं पर भटकना न पड़े। इसलिए 36 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। यहाँ चीनी मिल बंद हो रही थी लेकिन हमारी सरकार ने 1 लाख 12 हज़ार करोड़ का किसान का गन्ना भुगतान किया।जिससे मिल भी चलें और किसान भी समृद्ध हो। गन्ना किसानों का भविष्य उज़्ज़वल है। विकास के कार्य, गुमराह करने वालों को बुरा लग रहे हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वह एक झूठ को बार बार बोल रहा है।सरकार सूदखोरी पर लगाम लगा रही, विपक्ष को यह भी बुरा लग रहा।
चार लाख नौजवानों को मिलेगी नौकरी
उन्होंने कहा कि जब तक चार साल पूरे होंगे तब तक चार लाख नौजवानों को नौकरी मिल चुकी होगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में नौकरी की वैकेंसी निकलती थी तो चंद परिवार झोला लेकर निकल जाते थे। अब ऐसा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यूपी में जल्द फिल्म सिटी आ रही है। इसलिए काम करने के लिए तैयार हो जाइए। फिल्म सिटी भी युवाओं को मौके देगी। उन्होंने कहा कि बरेली का एयरपोर्ट जल्द शुरु होगा।
975 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण की दी बधाई
उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं प्रगति का मानक हैं। यहां 975 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास पर बरेलीवासियों को शुभकामनाएं देता हूं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम स्थल पर 12 बजकर 20 मिनट पर पहुंचे थे। वह 11 बजकर 55 मिनट पर लखनऊ से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुआ थे। उनके पहले भाजपा के दूसरे नेताओं ने भी किसानों को संबोधित किया।
विपक्ष की धार को कुंद करेंगे सीएम योगी
किसान आंदोलन के जरिये विपक्षी अपने एजेंडे को धार दे रहे। उनकी धार कुंद करने और कृषि कानूनों पर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा कर रहे हैं। गुरुवार से ही भाजपा के उस अभियान की शुरूआत हो जाएगी, जिसके जरिये पार्टी कार्यकर्ता आम किसानों के बीच जाकर कृषि कानूनों के लाभ बताएंगे। पंचायतें करेंगे। आम किसानों से सीधे संवाद कर बताएंगे कि खेती को मुनाफे का सौदा बनाने में ये कानून कितना ज्यादा कारगर होगा। मंच के सामने महिला कल्याण विभाग की तरफ से रंगोली बनाई गई है, जिसमें विभाग की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।
किसानों को काले कपड़ों में देख पुलिस ने रोका
सीएम के कार्यक्रम में किसानों का आना शुरु हो गया है। इसके साथ मौके पर जनप्रतिनिधि भी पहुंच गए हैं। हालांकि सर्द मौसम से बचने के लिए जो किसान काली जैकेट या काले कपड़े पहनकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। उन्हें पुलिस ने रोका लिया था । इस दौरान किसानों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई। हालांकि बाद में भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य को मंच से घोषणा करनी पड़ी कि पुलिस किसानों से अभद्रता न करे। अगर कोई किसान काले कपड़ो में आये तो पीछे की सीटों पर उसे बैठाया जाए।
विधान परिषद में जीत योगी के प्रति लोगों के विश्वास को है दर्शाती
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विधान परिषद के चुनाव में हुई जीत योगी के प्रति लोगों के विश्वास को दिखाती है। सीएम योगी ने 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। दूसरे प्रदेशों ने कहा तो लेकिन कर नहीं पाए। किसानों के सम्मान के लिए उन्होंने हर कदम उठाया। कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी और किसानों के क्रेडिट कार्ड भी बनवाए। 22 हजार 322 करोड़ रुपये अब तक यूपी में किसानों को किसान सम्मान निधि के जरिए मिल चुके हैं। गन्ना किसानों के लिए एसएमएस के जरिए पर्ची भेजी जा रही हैं।
2014 के बाद किसानों का हुआ हित
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद किसानों का हित हुआ है। सरकार ने जो पैसे किसानों के लिए जारी किए। वो पैसा किसानों के खाते में पूरा का पूरा जा रहा है। अब जब सरकार किसानों की बेहतरी के लिए कृषि कानून लेकर आई है तो कुछ लोग गुमराह कर रहे हैं।
जनसभा के जरिए संदेश देने का प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली में जनसभा के जरिये पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक संदेश पहुंचाने का प्रयास जरूर करेंगे कि भाजपा किसानों की हितैषी है। बीते दिनों वह मुरादाबाद आए थे, तब किसानों का प्रकरण उस दौरे में शामिल नहीं था। इस बार वह किसानों से सीधे संवाद करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उनके निशाने पर होगी। बीते कई दिनों से ये पार्टियां लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में विपक्षियों के तीखे तेवर का जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाए, इसके लिए किसान सम्मेलन का मंच अहम होगा। यही वजह थी कि मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम भी तीन दिन पहले ही प्रस्तावित किया गया था। यानी सियासत के मैदान में अब देखो और इंतजार के बजाय पलटवार का क्रम शुरू होने की स्थिति है। ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है, क्योंकि बीते दिनों शहर आए प्रदेश अध्यक्ष कह गए थे कि विपक्ष जो भ्रम फैला रहा है, उसे दूर करने के लिए कार्यकर्ता गांवों में जाएंगे।
सांसद, विधायक संभालेंगे कमान
आंदोलन के बहाने विपक्ष सियासी लक्ष्य न साध सके, इसका तोड़ निकालने की तैयारी भी हुई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के बाद पार्टी की तैयारी है कि सभी जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में जाएं। गांवों में जाकर किसानों के बीच पंचायत लगाएं। बताएं कि कृषि कानून उनके लिए लाभदायक है। अब उन्हें उपज बेंचने की पूरी आजादी मिली है। पार्टी इस प्रयास को इसलिए भी अहम मान रही है, क्योंकि इसमें उनके पांच सांसद जुट सकेंगे। मंडल के उनकी पार्टी के सभी विधायक जुट सकेंगे। बरेली जिले में तो सबसे बेहतर स्थिति है। यहां सभी विधायक भाजपा के हैं। इन जनप्रतिनिधियों के साथ पार्टी पदाधिकारी किसानों से पंचायत में संवाद करेंगे। सम्मेलन में आने वाले किसानों को भी कानूनों के बारे में बताया जाएगा। जनसभा में करीब 20 हजार किसानों को बुलाया गया है। पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें बुलाने की जिम्मेदारी जिन कार्यकर्ताओं को दी गई है, उनसे कहा गया कि कृषि कानूनों की चर्चा जरूर करें। किसानों को बताएं कि इसके कितने लाभ हैं। चर्चा के बाद उन्हें अपने साथ लेकर आएं।
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