विदेश- हिन्दू मुस्लिम विवाद की खबरे अक्सर सुनने को मिल जाती हैं। लेकिन बीते दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें मुस्लिम ही मस्जिद को तोड़ते नजर आए। वीडियो देखकर हर कोई हैरान था कि आखिर मुस्लिम ऐसा क्यों कर रहे हैं। लेकिन जब इस बात का खुलासा हुआ तो सभी चौंक गए।
असल में यह वीडियो पाकिस्तान का था। जहां अहमदिया मुसलमानों की आस्था पर कट्टरपंथियों का प्रहार हो रहा था। वीडियो में देखा जा सकता था कि कट्टरपंथी मस्जिद पर चढ़कर उसकी मीनार को तोड़ रहे थे और अहमदिया मुस्लिम के।साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे। वह हथौड़े से मीनार तोड़ रहे थे लेकिन कोई भी उन्हें रोकने के लिए आगे नहीं आ रहा था।
बता दें बीते तीन महीने में अहमदिया मुस्लिम की आस्था पर कट्टरपंथी का यह पांचवा हमला है। मिर्जा गुलाम अहमद ने 1889 में इसे आंदोलन के तहत स्थापना किया था। इस्लाम के कुछ पहलुओं के विरोध में उन्होंने प्रचार किया था। पाकिस्तान में अहमदियों की संख्या करीब चालीस लाख है. यह समुदाय भारत में भी मौजूद है। अनुमान है कि भारत में इनकी संख्या करीब 1 लाख है।
1974 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने अहमदिया को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया था और उसके लिए संविधान में संशोधन भी किया था। इसके बाद इस समुदाय को सामान्य मस्जिदों में जाने से रोक दिया गया।
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के कार्यालय के एक दस्तावेज के अनुसार सैन्य तानाशाह जिया-उल-हक के 1984 के अध्यादेश ने पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 298-बी और 298-सी में अहमदियों के लिए स्पष्ट भेदभावपूर्ण संदर्भ पेश किए हैं।
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