रियल एस्टेट को प्रवासी भारतीयों के बीच देश में भी एक घर रखने से मिले नए ग्राहक

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नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी ने इकोनोमी के तमाम पहियों पर ब्रेक लगा दिया है लेकिन इसकी वजह से कुछ क्षेत्रों में नए ग्राहक भी बने है। खास तौर पर वाहन और रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ ऐसे ग्राहक भी सामने आ रहे हैं जो सिर्फ कोविड-19 से बने माहौल की वजह से बने हैं। मसलन, कोविड ने जिस तरह से जीवन की अनिश्चितता से दो-चार करवाया है उससे एक वर्ग वाहन खरीदने के अपने शौक को अब आगे नहीं टालना चाहता बल्कि उसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है। खास तौर पर देश में दोपहिया वाहनों की बिक्री में आई तेजी के पीछे इस सोच को वजह बताया जा रहा है।

इसी तरह से बैंकों के पास प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की तरफ से होम लोन लेने के आवेदनों की संख्या बढ़ गई हैं। बैंकों का कहना है कि कोविड की वजह से एनआरआई में यह सोच बनी है कि उन्हें भारत में भी एक घर लेना चाहिए।

पीएनबी के एमडी व सीईओ एम मल्लिकार्जुन राव का कहना है कि, ”काफी संख्या में विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने अपने माता-पिता के लिए या खुद के लिए भारत में घर खरीदना शुरु कर दिया है। इस तरह के कई ग्राहकों ने हमारे यहां होम लोन लिया है।”

कोविड की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों ने घर से काम करना शुरु कर दिया है और कई कंपनियों ने तो मई-जून, 2021 तक अपने कर्मचारियों को घर से ही काम करने का निर्देश दिया है। इससे भी रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े घर की मांग बढ़ी है। हीरानंदानी जैसे देश के प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों ने इस वर्ग को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में नई परियोजना लगाने का ऐलान किया है। यह भी बताया जा रहा है कि नए प्रोफशनल्स में अपना घर खरीदने की सोच फिर से मजबूत हुई है।

कुछ इसी तरह के बदलाव से ऑटोमोबाइल उद्योग भी देख रहा है। अक्टूबर, 2020 में रिकार्ड कारों की बिक्री करने हुंडई के डायरेक्टर (सेल्स व मार्केटिंग) तरुण गर्ग का कहना है कि हमने हाल के महीनों में देखा है कि लोग छोटी कार भी खरीदने आ रहे हैं तो उसमें सबसे महंगी कार खरीद रहे हैं। अपनी हैचबैक कारों के बारे में वह बताते हैं कि 27 फीसद बिक्री सबसे महंगे वैरियंट की हो रही है। इसे खरीदने वाले 55 फीसद पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक हैं।

जावा मोटरसाइकल्स के सीईओ आशीष जोशी ने बताते हैं कि, ‘हमने हाल ही में लांच पेराक नाम से एक नई बाईक लांच की है। नवरात्रि के दौरान 4,000 बाइकों की बिक्री हमारी उम्मीद से बेहतर थी। एक वजह यह है कि कोविड के बाद जो लोग हमारी बाईक बाद में खरीदने की योजना बना रहे थे वह अब इसे टालना नहीं चाहते। उन्हें लगता है कि भविष्य अनिश्चित है।’

 

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