अयोध्या रामनगरी के समग्र विकास के लिए योगी सरकार एक विश्वस्तरीय संस्था की तलाश कर रही है। सरकार की ओर से नामित सलाहकार संस्था ‘ईवाई को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। संस्था का चयन विश्वव्यापी (ग्लोबल) टेंडर से करना है। टेंडर के जरिये चयनित संस्था रामनगरी के साथ ही नव्य अयोध्या को भी साकार करने में योगदान देगी। इस संस्था के जरिये सरकार अयोध्या के विकास से जुड़े हर विभाग को एक प्लेटफार्म मुहैया कराना चाहती है। कंसलेंट कंपनी की टीम के साथ अयोध्या पहुंच अपर आवास आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ल ने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गहन विमर्श किया। डॉ. शुक्ल ने बताया कि तीन दिनों के भीतर ईवाई को ग्लोबल टेंडर पूरा करना है। उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि प्रदेश सरकार की मंशा नव्य अयोध्या के साथ रामनगरी का समग्र विकास करना है। ऐसे में सभी को समन्वय बनाकर बेहतर प्रस्तुति देनी है।
विश्वस्तरीय संस्था : खींचेगी रामनगरी के समग्र विकास का खाका, ग्लोबल टेंडर के जरिये होगा चयन
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1190 एकड़ की नव्य अयोध्या सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरकार नव्य अयोध्या के साथ ही रामनगरी का समग्र विकास चाहती है। रामनगरी व उससे सटे इलाकों को कोर एरिया में रखते हुए विकास किया जाएगा, इसके बाद प्राधिकरण का विस्तारित क्षेत्र और उसके बाद रामनगरी की सांस्कृतिक सीमा 84 कोस का विकास कार्य भी यही संस्था रेखांकित करेगी। नव्य अयोध्या योजना में भूमि अर्जन को लेकर आ रही दिक्कत को दूर करने के लिए अपर आयुक्त ने डीएम से मुलाकात की। भूमि अर्जन में दर का निर्धारण शासन की ओर से डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। दस दिन के भीतर जिला प्रशासन काश्तकारों की फाइनल सूची भी उप्र आवास विकास परिषद को उपलब्ध कराएगा। नव्य अयोध्या को साकार करने के लिए सरकार किसानों को साथ लेकर चल रही है। योजना की हर अद्यतन स्थिति किसानों से साझा की जा रही है। उनकी आपत्तियां भी शासन तक पहुंचा कर निराकरण किया जा रहा है। किसानों ने मुआवजे से जुड़ी कुछ समस्या अवगत कराई है, जिसे शासन को अवगत करा दिया गया है। डॉ. शुक्ल ने कहाकि सरकार किसान हित को सर्वोपरि रखती है। रामनगरी के विकास में भी किसान हित को देखते हुए कार्य किया जाएगा।
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