महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय बकरीद के नियमों को लेकर नाराज़, उठाए कांग्रेस नेता ने भी सवाल

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मुंबई: देश में सबसे ज़्यादा कोरोना संक्रमण का असर झेल रहे महाराष्ट्र में राज्य की महाविकास आघाडी सरकार ने लोगों से ऑनलाइन बकरियों को खरीदने के नियम बनाए हैं और साथ ही प्रतीकात्मक रूप में कुर्बानी देने की अपील की है। इसपर अब कई लोग सवाल उठा रहे हैं जिसमें कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं।

आम तौर पर बकरी ईद से पहले लोग बाज़ारों से बकरों की खरीदारी किया करते थे। पर महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर को देखते हुए राज्य सरकार ने इस साल बकरों की खरीदारी बाज़ारों में नहीं बल्कि ऑनलाइन करने की बात कही है। पर अब त्यौहार को कुछ दिन ही रह गए हैं और लोगों को पता नहीं की आख़िर खरीदारी कहाँ से करें।

सामजिक कार्यकर्ता ज़मीर शेख ने बताया कि अब सिर्फ़ कुछ दिन बचे हैं बकरी ईद के लिए पर सरकार की तरफ़ से कोई साफ़ नोटिफिकेशन नहीं है।  सरकार ने हमसे ऑनलाइन खरीदारी करने को कहा है पर क्या इसके लिए कोई ऐप या पोर्टल या वेबसाइट नहीं बनाई है और इसलिए सरकार को इसके लिए जल्द कोई क़दम उठाना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार की और से जारी सूचना के अनुसार सरकार ने लोगों से संभव होने पर  प्रतीकात्मक तरीके से बकरों की कुर्बानी करने की बात कही है। पर इस निर्णय पर सरकार में शामिल कांग्रेस के ही नेता नसीम खान भी सवाल उठाते नज़र आ  रहे हैं और उन्होंने इसमें बदलाव करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।

कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा, ” कुर्बानी मुसलामानों का एक अहम त्यौहार है। कुर्बानी ऑनलाइन नहीं हो सकती है और ना ही सिम्बॉलिक हो सकती है। इस्लाम में कोई भी इबादत प्रतीकत्मक करने की गुंजाइश नहीं है और इसलिए सरकार को इसपर फिर से कोई निर्णय लेना चाहिए।

आने वाले 1 अगस्त को बकरी ईद का त्यौहार मनाया जाना है। पर लोगों को ना ही यह पता है कि बकरा कहाँ से खरीदना है और ना ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस जानकारी दी जा रही है। लिहाज़ा जो लोग इस त्यौहार को मनाना भी चाहते हों, उन्हें नहीं पता कि आख़िर इसे कैसे मनाया जाए।

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