आतंक की राह पर गए युवाओं को साथ लेगी मोदी सरकार, बनाया ये प्लान

आतंक की राह पर गए युवाओं को साथ लेगी मोदी सरकार, बनाया ये प्लान

 

 

जम्मू कश्मीर में स्थायी सुधार लाने के लिए और आतंक से लड़ने के लिए केंद्र सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है. ईटीवी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय की प्राथमिकता उन कश्मीरी युवाओं की मदद करना और उनके कॅरियर को बेहतर बनाने में सहायक बनना है जो हाल में पैदा हुई स्थितियों की वजह से आतंकियों से जा मिले और फिर वापस घर लौट आए.

इसके लिए गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर की मुफ्ती सरकार से बात की है और कहा है कि पहली बार आतंकियों से हाथ मिलाने के बाद घर वापसी करने वाले युवाओं को रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया जाए. केंद्र सरकार चाहती है कि इन युवाओं को जीवन भर एक अपराधी के तौर पर आंकने के बजाए उन्हें अपने करियर के उत्थान के लिए मौका मिलना चाहिए.

आतंकवाद से लड़ने के लिए, केन्द्र ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और वहां तैनात केन्द्रीय बलों की अनुग्रह राशि राहत की हिस्सेदारी को बढ़ाने का फैसला किया है. आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए अगर कोई जवान शहीद हो जाता है तो उसके परिवार को 30 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी.

इस राशि में 18 लाख रुपए जम्मू-कश्मीर के राज्य बजट से दिए जाएंगे और अतिरिक्त 12 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे. एसपीओ के पूर्व अनुग्रह राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा अनुग्रह राशि की रकम बाद में दिया जाएगा.जम्मू-कश्मीर राज्य में भारी बिजली की कमी को देखते हुए, ऊर्जा मंत्रालय इस साल सर्दी के दौरान 800 मेगा वॉट की अतिरिक्त बिजली आवंटित करेगा.

युद्ध विराम के उल्लंघन के कारण पीड़ित सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत प्रदान करने के लिए किए गए खर्चों की प्रतिपूर्ति होगी. केंद्र सरकार एनडीआरएफ के दिशानिर्देशों के बराबर की रकम इन्हें प्रदान करेगी. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह सचिव स्थिति की नियमित आधार पर समीक्षा कर रहे हैं.

गौर हो कि हाल के दिनों में दो युवा कश्मीरी अपराधियों से मिले और फिर उनके चंगुल से वापस लौट आए. जम्मू-कश्मीर में कुछ दिन पहले आतंकी संगठ लश्कर-ए-तयैबा से जुड़ने के बाद आत्मसमर्पण करने वाले युवा फुटबॉलर माजिद खान को सरकार ने बड़ी राहत दी थी. भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर की मुफ्ती सरकार ने युवक के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज न करने का फैसला किया.

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *