रायपुर, छत्तीसगढ़ में यदि किसी ने संस्कृत में बेहतर काम किया है तो उन्हें पुरस्कार पाने का अवसर मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम के जरिए पुरस्कार और सम्मान दिला रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में भी संस्कृत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्वानों का सम्मान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा प्रति वर्ष पांच संस्कृत विद्वानों को सम्मानित करने की श्रृंखला वर्ष 2013 से प्रारंभ की है। महर्षि वाल्मीकि सम्मान राज्य के ऐसे विद्वान या विदुषी को प्रदान किया जाता है जिसने संस्कृत में गद्य, पद्य अथवा चंपू में नई रचना की हो।
ऋष्यश्रृंग सम्मान राज्य के गैर सरकारी या स्वैच्छिक संस्था अथवा व्यक्ति को दिया जाता है जो संस्कृत के प्रचार-प्रसार में लगा हो। लोमश ऋषि सम्मान राज्य के ऐसे संस्कृत अध्यापक को प्रदान किया जाता है जिसने प्राच्य संस्कृत विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया हो। कौसल्या सम्मान राज्य स्तर की संस्कृति विदुषी को दिया जाता है और महर्षि वेदव्यास सम्मान संस्कृत विद्यामंडलम को व्यापक स्तर पर बौद्धिक सहयोग प्रदान करने वाले अखिल भारतीय स्तर के एक संस्कृत विद्वान को प्रदान किया जाता है।
मिलेंगे ये सम्मान
इसके तहत महर्षि वाल्मीकि सम्मान, ऋष्यश्रृंग सम्मान, लोमश ऋषि सम्मान, कौशल्या सम्मान और महर्षि वेदव्यास सम्मान प्रदान किया जाएगा। महर्षि वेदव्यास सम्मान में 51 हजार रुपए और शेष सम्मानों के लिए प्रत्येक विद्वान को 31 हजार रुपए की राशि के साथ शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाता है।
संस्कृत विद्वानों के सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा 20 दिसंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक विद्वान या संस्था अपना आवेदन सचिव छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् कार्यालय न्यू राजेन्द्र नगर पानी टंकी के पास, छत्तीसगढ़ हाथ करघा कार्यालय के सामने कार्यालयीन अवधि एवं दिवस में भेज सकते हैं।
आवेदकों को यह जानकारी देना जरूरी
आवेदकों को संबंधित सम्मान के लिए सम्मान का नाम एवं वर्ष, व्यक्ति या संस्था का पूर्ण परिचय पत्र व्यवहार पता सहित, संबंधित सम्मान के लिए प्रमाणित विवरण, यदि कोई पुरस्कार या सम्मान प्राप्त किया हो तो उसका विवरण, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के संबंध में आवेदक की सहमति दो पासपोर्ट फोटोग्राफ के साथ लिफाफे पर सम्मान एवं वर्ष का उल्लेख करते हुए संस्कृत विद्यामंडलम के कार्यालय में जमा या डाक से भेज सकते हैं।
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