समाजवादी पार्टी नेताओं की जेल में बंद आरोपियों से मुलाक़ात: बड़ा एक्शन!
क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जेल में एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिससे पूरा प्रशासन हिल गया? जी हाँ, समाजवादी पार्टी के नेताओं की संभल हिंसा के आरोपियों से जेल में हुई मुलाक़ात के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है! इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में तूफ़ान सा ला दिया है और इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस लेख में हम आपको इस पूरे मामले की पूरी जानकारी देंगे।
जेलर और डिप्टी जेलर हुए सस्पेंड!
जेल में हुई इस विवादास्पद मुलाकात के बाद मुरादाबाद जेल के जेलर वीरेंद्र विक्रम यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है! यह कार्रवाई प्रदेश सरकार के एक बड़े एक्शन की तरह देखी जा रही है जो इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने के संदेश को प्रसारित करती है।
नियमों की धज्जियाँ उड़ाई गईं!
आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों की पूरी तरह से अवहेलना करते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं को जेल में बंद संभल हिंसा के आरोपियों से मिलने की अनुमति दे दी। यह मुलाकात बिना किसी पूर्व अनुमति के और नियमों का पालन किए बिना हुई जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं। क्या यह सब जानबूझकर किया गया या फिर यह सब एक बड़ी लापरवाही का नतीजा था, यह जांच का विषय है।
जेल अधीक्षक पर भी गाज गिरेगी?
मुरादाबाद जेल के जेलर और डिप्टी जेलर के साथ ही जेल अधीक्षक पीपी सिंह पर भी लापरवाही का आरोप है. शासन को भेजे गए एक पत्र में उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इस मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि जेल अधीक्षक पर क्या कार्रवाई की जाती है और क्या उन्हें भी इस मामले में अपनी भूमिका के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?
क्या है पूरा मामला?
बीते सोमवार को, समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुरादाबाद जिला जेल में संभल हिंसा मामले के आरोपियों से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद एसटी हसन सहित कई विधायक शामिल थे. उन्होंने आरोपियों से मिलकर उनका हालचाल जाना और उनको कानूनी सहायता का आश्वासन दिया।
संभल हिंसा: एक झलक
गौरतलब है कि 24 नवंबर को संभल में स्थानीय कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। इस हिंसा में ढाई हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें समाजवादी पार्टी के नेताओं के करीबी कई लोग भी शामिल हैं।
सियासी पारा चढ़ा!
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है. विपक्षी पार्टियाँ इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साध रही हैं और जेल प्रशासन पर सवाल उठा रही हैं। वही, सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है।
टेक अवे पॉइंट्स
- मुरादाबाद जेल में हुई समाजवादी पार्टी नेताओं की संभल हिंसा के आरोपियों से मुलाकात के बाद जेलर और डिप्टी जेलर सस्पेंड।
- जेल अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश।
- नियमों की अवहेलना को लेकर सवाल।
- प्रदेश की राजनीति में तूल पकड़ता मामला।
- इस घटना ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं जिनका उत्तर मिलना जरूरी है।

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