नई दिल्ली । पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का न्योता देकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। हालांकि इस मामले में भाजपा ने उन्हें करारा जवाब दिया है और प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि उनके सभी पार्टी नेता वफादार हैं व किसी के बहकावे में नहीं आ सकते हैं।
स्वामी बोले- नितिन हमें नहीं कर सकते निराश
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने रविवार को कहा कि हार्दिक के बयान को अहमियत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि वह मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। स्वामी ने कहा, हार्दिक पटेल जो भी कहते हैं मैं उन्हें अहमियत नहीं देता हूं। मेरे ख्याल से नितिन पटेल हमारे एक पुराने कार्यकर्ता हैं और वह हमें निराश नहीं कर सकते हैं। अगर वह नाराज हैं तो हमें इसका पता लगाना चाहिए और उनकी नाराजगी को दूर करना चाहिए।
मुरलीधर राव ने कहा- यह भाजपा है कांग्रेस नहीं
पार्टी नेता मुरलीधर राव ने भी हार्दिक की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस के विपरीत भाजपा वफादार और ईमानदार नेताओं की पार्टी है। राव ने कहा, यह भाजपा है कांग्रेस नहीं। हमारे पार्टी नेता वफादार और ईमानदार हैं। वे लालच में नहीं आ सकते हैं। हम हमारे आंतरिक मामलों को अपने बीच ही सुलझा सकते हैं।
हार्दिक पटेल ने नितिन को दिया था ये प्रस्ताव
हार्दिक ने शनिवार को कहा था कि अगर नितिन पटेल अपने साथ भाजपा के 10 विधायकों को ला सकते हैं तो उन्हें कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए।
इस वजह से नितिन के नाराज चलने की हैं अटकलें
इस तरह कि अटकलें हैं कि नितिन पटेल को गुजरात की नवनिर्वाचित सरकार में जो पदभार सौंपा गया है कि उससे वह खुश नहीं हैं। कहा जा रहा है कि वह वित्त, शहरी विकास और पेट्रोलियम मंत्रालय वापस लिए जाने से नाराज चल रहे हैं। शुक्रवार को सभी मंत्रियों ने अपना पदभार संभाल लिया, मगर वह नहीं आए। इस वजह से अटकलें और भी तेज हो गई हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात कैबिनेट का गठन हुआ है। भाजपा लगातार छठी बार राज्य में अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही है।
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