नैनीताल के आसपास के क्षेत्र होंगे पर्यटन की दृष्टि से विकसित

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नैनीताल के आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलास्तरीय प्राधिकरण, नैनीताल के माध्यम से किए जाने वाले निर्माण कार्यों में स्थानीय शिल्प शैली का उपयोग करने को भी कहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष सचिवालय में जिला स्तरीय प्राधिकरण, नैनीताल के माध्यम से निर्मित की जा रही योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सातताल व सूखाताल के पुनर्जीवीकरण के साथ ही इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।

इन स्थलों को बर्ड वाचिंग स्थल के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग के सहयोग से पक्षियों के अनुकूल पौधों का रोपण किया जाए। इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण हटाने के साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थल भी विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी तहसील को शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश देते हुए कहा कि नए भवन को मिनी सचिवालय के रूप में बनाया जाए। इसमें बहुमंजिली इमारत बनाई जाए ताकि अन्य कार्यालय भी इसमें शिफ्ट किए जा सकें। इसमें पार्किंग की सुविधाएं भी विकसित की जाएं। उन्होंने रामनगर में भी पार्किंग स्थल के निर्माण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे निर्माण के लिए एचएमटी परिसर में भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश सचिव राजस्व को दिए।

बैठक में उपाध्यक्ष नैनीताल झील विकास प्राधिकरण रोहित मीणा ने बताया कि सातताल में बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क भी बनाया जाएगा। इस पर तकरीबन सात करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित किया गया है। इसी प्रकार सूखाताल में बनाई जाने वाली योजनाओं में 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। नैनीताल व रामनगर में में पार्किंग के लिए कई स्थान चिह्नित किए गए हैं। बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, सौजन्या, आयुक्त कुमाऊं अरविंद सिंह ह्यांकी और प्रभारी सचिव सुशील कुमार आदि उपस्थित थे।

 

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