’संगठन की ये थी मांग’
-प्रदेश के निकायों में 50 हजार से अधिक नियमित सफाई कर्मचारियों के पद रिक्त है संविदा/ठेका सफाई कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जाए।
-प्रदेश के निकायों में अधिकांश स्थानों पर सफाई कर्मचारियो के मृतक आश्रितों की नियुक्ति उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार किया जाए।
-प्रदेश के निकायों/प्राधिकरणों/ मलिन बस्तिायों नजूल भूमि पर आबाद सफाई कर्मचारियों के आवासित परिवारों को मालिकाना हक दिया जायें। 4-सफाई कर्मचारियों को सातवे वेतन का लाभ दिलवाया जाए।
-प्रदेश कि आधिकांश निकायों में सेवानिवृत्त/मृतक सफाई कर्मचारियों के देय अवशेषोंध् पेंशन के प्रकरणों का निस्तारण करवाया जाए।
-संविदा के सभी कर्मचारियों का भविष्यनिधि की कटौती करवायी जाये साथ ही ईएसआई व नियमित कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड बनवायें जाए।
नगर विकास निदेशालय स्थित बैठक में डॉ. रजनीश दुबे जी अपर मुख्य सचिव, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, श्री अनिल कुमार (तृतीय) सचिव नगर विकास, श्रीमती रश्मि सिंह प्रभारी निदेशक नगर विकास विभाग समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र नाथ वाल्मीकी, उपाध्यक्ष श्री मुन्ना सिंह धानुक समेत आयोग के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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