खतरनाक वेरिएंट Omicron ने भारत दस्तक, डॉक्टर ओमिक्रॉन से संक्रमित, संपर्क में आए 5 लोग भी पॉजिटिव

 बेंगलुरु. कोरोना वायरस (Coronavirus) के सबसे खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने भारत में दस्तक दे दी है. देश में दो लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं. कर्नाटक सरकार के मुताबिक, ओमिक्रॉन से संक्रमित 66 साल का विदेशी नागरिक 20 नवंबर को बेंगलुरु आया था और 27 नवंबर को दुबई लौट चुका है. 24 लोग उसके सीधे संपर्क में आए थे. 240 सेकेंडरी कॉन्टैक्ट्स थे.

सभी का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है. लेकिन, चिंता बेंगलुरु में ही मिले दूसरे मरीज को लेकर है जो 46 साल के स्थानीय डॉक्टर हैं और उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री (Travel History) नहीं है. ये शख्स 22 नवंबर को ओमिक्रोन पॉजिटिव पाया गया था, इसके 13 प्राइमरी कॉन्टैक्ट्स में 3 और 205 सेकेंडरी कॉन्टैक्ट्स में 2 लोग पॉजिटिव पाये गये हैं.

बेंगलुरु में ओमिक्रॉन के मरीज मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई से बात की है. बताया जा रहा है इस बातचीत में सीएम बोम्मई ने कर्नाटक के हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की बूस्टर डोज देने का प्रस्ताव रखा है. सीएम बोम्मई ने कहा है, ‘मैंने लैब से पूरा विवरण मांगा है. हम इन लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर रहे हैं. आज दोपहर 1 बजे मेरी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ एक बैठक है.’

ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए पाबंदियों का नया दौर शुरू हो गया है. दादरा-नगर हवेली और दमन दीव में 31 दिसंबर तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है. दिल्ली में मेट्रो जैसी सार्वजनिक जगहों पर टीके की दोनों डोज नहीं लगी होने पर यात्रा में पाबंदी की तैयारी है. दिल्ली सरकार इस बारे में प्रस्ताव तैयार कर रही है, हालांकि केंद्र सरकार कह रही है कि अभी डरने की कोई जरूरत नहीं, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन कड़ाई से करना होगा.

देश-दुनिया के वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण का लक्षण माइल्ड ही रहता है. इस वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति में सिरदर्द, बदन दर्द और थकावट के लक्षण दिखाई देते हैं. इस नए वेरिएंट से संक्रमितों की संख्या करीब 50 बताई जा रही है, जिनमें 30 म्यूटेशन स्पाइक प्रोटीन मिले हैं. आम बोलचाल की भाषा में कहे तो स्पाइक प्रोटीन के जरिए वायरस कोशिकाओं के माध्यम से वायरस मानव शरीर में प्रवेश करता है. हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है.

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