जयपुर। राजधानी में साइबर ठगों ने किसी न किसी तरीके से लोगों को अपनी बातों में फंसा कर उनकी गाढी कमाई लूट रहे है। ऐसे ही तीन मामले शहर के दो अलगकृ अलग थाना इलाके में हुई है। जहां ठगों ने तीन लोगों के खाते से 1.18 लाख रुपये निकाल लिए है। पुलिस ने पीडितों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच पडताल शुरू कर दी है।
रुपए निकलने पर कस्टमर केयर पर किया फोन तो खाते से निकले 20 हजार
झोटवाडा थाना इलाके में एक युवक के खाते से निकलने पर कस्टमर केयर फोन करना भारी पड़ गया। इस दौरान किसी ने उसके खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए। इस संबंध में पीडित ने बुधवार शाम को थाने में मामला दर्ज करवाया।
पुलिस के मुताबिक श्रीराम नगर झोटवाडा के रहने वाले राधेश्याम कुमावत का बैंक खाता पीएनबी बैंक में था। 16 अक्टूबर को उसके खाते से दो बार ट्रांजेक्शन हो गया वह भी पेटीएम के जरिए। जब पीड़ित राधेश्याम ने गुगल से पेटीएम कस्टमर केयर का नंबर लेकर बात कीए तो पता चला कि फोन रखने के बाद खाते से फिर दो बार ट्रांजेक्शन हो गया।
पुलिस ने बताया कि बातचीत के दौरान किसी हैंकर ने साइट को हैंक किया हुआ था और कस्टमर केयर के फोन नंबर के साथ ही अपने नंबर भी वहां पर लिख रखे थे। जब राधेश्याम के खाते से चार बार में बीस हजार से ज्यादा रुपए साफ हो गए। किसने निकाले उसका नाम और नंबर तक पता नहीं चला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पडताल शुरू कर दी है।
खाते से हो गए 18 हजार रुपये ट्रांजेक्शन
वहीं झोटवाडा थाने में कालवाड रोड के रहने वाले राजेन्द्र सिंह ने बुधवार को मामला दर्ज करवाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने एसबीआई खाते में 18 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। इसका मैसेज जब राजेन्द्र सिंह के पास आया तो उन्होनें रुपए निकालने वाले व्यक्ति को फोन किया। लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी उसने फोन नहीं उठाया। बैंक ने भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी तो रुपए निकालने वाले के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
लोन और अन्य लुभावने झांसे देकर खाते से निकाले 80 हजार
वहीं मुरलीपुरा थाना इलाके में रहने वाले रतन कुमार के खाते से भी दो बार में अस्सी हजार रुपए निकलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीडित थाने पहुंचा और मामला दर्ज करवाया।
पुलिस के अनुसार पीडित के पास 15 अक्टूबर को फोन आयाए जहां फोन करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और लोन और अन्य लुभावने झांसे देकर खाते की जानकारी जुटा ली। उसके बाद खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए। वारदात का पता मोबाइल पर मैसेज आने के बाद चला। जिसके बाद पीडित थाने पहुंचा और मालमा दर्ज करवाया।
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