देखिये बाढ़ से क्या हुआ काशी का हाल

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वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियों में उफान से शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। मकानों की एक-एक मंजिल डूबने से हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है। एनडीआरएफ के साथ मिलकर प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है…

खतरे का निशान पार

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में गुरुवार शाम जलस्‍तर 70.54 मीटर रेकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर था।

अस्सी घाट के बाहर पानी

गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि अस्सी घाट के बाहर सड़कों पर पानी पहुंच गया।

दर्जनों बस्तियां बाढ़ के पानी में डूबीं

वरुणा और अस्सी के प्रवाह पथ के जरिए बाढ़ का पानी दर्जनों बस्तियों और कॉलोनियों को डुबोने के साथ नए इलाकों में फैलने से स्थिति काफी भयावह है।

कहां खत्म नदी…

असि-नगवां मार्ग डूबने से आवाजाही बंद हो गई है। अस्‍सी घाट से लेकर टिकरी तक के बड़े इलाके में पानी ही पानी दिख रहा है।

कॉलोनियों में चल रही हैं नावें

निचले इलाकों में बसी कॉलोनियों में सड़कों पर नावें चल रही हैं।

वरुणा ने मचाई तबाही

गंगा किनारे टिकरी घाट के सामने स्थित नाटी इमली तटबंध काफी कमजोर होने से टूटने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बड़ी संख्‍या में आबादी देखते ही देखते पानी से घिर जाएगी। शहरी इलाके में ज्‍यादा तबाही वरुणा ने मचाई है। वरुणा किनारे के दोनों कछार जल से लबालब हैं।

50 से ज्यादा स्कूल बंद

गंगा में बाढ़ के कारण तटवर्ती शहरी व ग्रामीण इलाके के 50 से ज्‍यादा सरकारी और निजी स्‍कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो गई है। अभी किसी सरकारी स्‍कूल में पानी घुसने की सूचना नहीं है लेकिन उनके रास्‍तों पर पानी भर जाने से बच्‍चों को आने जाने में समस्‍या हो रही है।

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