पांच गांवों की डीएमआईसी प्रथम चरण की अवाप्त राशि 128 करोड़ का भुगतान 31 मार्च तक : उद्योग मंत्री

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जयपुर। उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने दिल्ली मुम्बई इण्डस्ट्रीयल कोरिडोर के काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पांच गांवों की अवाप्त 532 हैक्टेयर भूमि की मुआवजा राशि 128 करोड़ का 31 मार्च तक किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां अन्य राज्यों में इस परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है वहीं राजस्थान में अभी सही मायने में काम शुरु ही होना है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस साल खादी ग्रामद्योग उत्पादों पर 50 फीसदी छूट से खादी वस्त्रोंं की रेकार्ड बिक्री हुई है।

उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री मीणा बुधवार को उद्योग भवन में बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक में डीएमआईसी और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि इस परियोजना से सबसे अधिक लाभान्वित होने वाला प्रदेश राजस्थान है इसीलिए इसके काम को गति दिया जाना आवश्यक है। इसके लिए डीएमआईसी विभाग के अन्य विकल्पों तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जुड़े हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में डीएमआईसी के कार्य धरातल पर आ गए हैं। 40 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में होने से इसके कार्यों को प्राथमिकता व तेजी लाना जरुरी है।

मीणा ने बताया कि डीएमआईसी का अभी प्रदेश में खुशखेड़ा-भिवाडी-नीमराना में पलावा, मिर्जापुर, बीरोद, लामचपुर और मानका अवाप्त पांच गांवों में 22 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है और शेष राशि मार्च तक वितरित करने के निर्देश दे दिए हैं वहीं जोधपुर-पाली-मारवाड़ के लिए रोहट में 9 गांव शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण होने से राज्य सरकार ने अब इसे प्राथमिकता से ले लिया है।

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मीणा ने खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा के दौरान प्रदेश की 144 खादी संस्थाओं के आधुनिकीकरण के साथ ही विपणन व पारदर्शिता के लिए ऑनलाईन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खादी प्रशिक्षण केन्द्रों को विस्तारित किया जाए व अन्य के साथ ही लालसोट व रामगढ़ में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाए। उन्होंने खादी बोर्ड के आवासीय व गैरआवासीय प्रशिक्षणों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को आधुनिक चरखों भी वितरित करने को कहा। उन्होंने एसएमडी योजना में कतिनों को भी प्रोत्साहन राशि देने को कहा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि डीएमआईसी परियोजना राज्यों के औद्योगिक विकास और निवेश को गति मिलने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पहले चरण में दो औद्योगिक टाउनशिप का विकास प्रस्तावित है वहीं अजमेर-किशनगढ़, राजसमंद-भीलवाडा और जयपुर-दौसा औद्योगिक टाउनशिप भी इस योजना में चिन्हित है। उन्होंने बताया कि जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र का भी मास्टर प्लान अधिसूचित किया जा चुका है।

एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर खादी वस़्त्रों पर 50 प्रतिशत छूट का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और खादी वस्त्रों की बिक्री में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है।उन्होंने बताया कि आमजन को करीब 35 करोड़ का अनुदान खादी वस्त्रों पर छूट के रुप में दिया जा चुका है।

उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों व भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। उद्योग मंत्री मीणा द्वारा ली गई बैठकों में विशिष्ट सहायक उद्योग मंत्री बचनेस अग्रवाल, संयुक्त सचिव उद्योग शुभम चौधरी, उपसचिप उद्योग नीतू बारुपाल, सचिव खाादी ग्रामोद्योग एसएन मीणा, वित अधिकारी मंजू चाहर, आयुक्त डीएमआईसी वीरेन्द्र सिंह बांकावत, अतिरिक्त आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद शर्मा सहित खादी ग्रामोद्योग, डीएमआईसी, रीको व विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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