जयपुर। रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. नीरज के. पवन ने कहा है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक-एक ग्राम सेवा सहकारी समिति में सहकारी क्षेत्र की एक-एक कृषि प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 तक सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के प्रस्ताव मंगवाकर राज्य सरकार की अनुदान नीति के तहत ऋण उपलब्ध करवाकर प्रक्रिया को प्रारंभ किया जायेगा।
डॉ. पवन सोमवार को अपैक्स बैंक में सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबन्ध निदेशकों के आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना चाहते है। इसके लिए अपैक्स बैंक के स्तर पर 500 करोड़ रूपये का कोष भी गठित किया गया है। कृषि प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए कृषि विपणन बोर्ड में आवेदन करना होगा।
रजिस्ट्रार ने कहा कि एक अप्रेल, 2020 से शुरू हो रही खरीफ सीजन में किसानों को खरीफ सीजन 2019 में वितरित किये गये फसली ऋण को 25 प्रतिशत बढ़ाकर दिया जाये। उन्होंने कहा कि किसानों को वर्ष 2019-20 में 8 हजार 244 करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरित किया जा चुका है। शेष पात्र किसानों को 31 मार्च, 2020 तक वितरित किया जाये। उन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए फसली ऋण वितरण के लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी दिये।
डॉ. पवन ने कहा कि नये किसानों को फसली ऋण से जोड़ा जाये। इसके लिए ऑनलाईन पंजीकरण की व्यवस्था को शुरू रखा जाये। ताकि अधिक से अधिक किसान राज्य सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण का लाभ ले सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फसली ऋण वितरण की व्यवस्था में कोताही नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन केन्द्रीय सहकारी बैंकों के स्वयं के भवन एवं शाखाएं उन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ा जाये। धीरे-धीरे सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को सौर ऊर्जा पैनल से जोड़ा जायेगा।
रजिस्ट्रार ने कहा कि अपैक्स बैंक द्वारा हाऊसिंग लोन के लिए 8.2 प्रतिशत ब्याज पर नयी योजना लागू की गई है। जिसमें अधिकतम 2.75 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी केन्द्रीय सहकारी बैंक इस योजना के माध्यम से लोगों को आवासीय लोन उपलब्ध कराये। ताकि लोगों की जरूरतें पूरी हो सके एवं उन्हें अनुदान का भी लाभ मिल सके।
डॉ. पवन ने कहा कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले में प्रत्येक जिले में इनोवेशन करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि निश्चित समय पर इसके प्रस्ताव विभाग को भेंजे। प्रबंधक निदेशक इन्दरसिंह ने एजेण्डे को बैठक में रखा।
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