बांग्लादेश का नागरिकता संशोधन बिल पर स्पष्टीकरण

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में पास होने के बाद बांग्लादेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस बिल से भारत की ऐतिहासिक धर्मनिरपेक्ष छवि कमजोर होगी। उन्होंने अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को सताने के आरोपों का भी खंडन किया।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने बताया कि बहुत कम देश हैं जहां बांग्लादेश की तरह सांप्रदायिक सद्भाव अच्छा है। अगर वह (गृह मंत्री अमित शाह) कुछ महीनों के लिए बांग्लादेश में रहें तो उन्हें हमारे देश में सांप्रदायिक सद्भाव दिखाई देगा। आपको बताते जाए कि सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत कई ऐसे पड़ोसी देश हैं, जहां हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि इस बात को ध्यान में रख कर इस बिल को लाया गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने अमित शाह के इसी बयान का खंडन किया है।

मोमेन ने कहा कि उन्हें (भारत) अपने देश के भीतर कई समस्याएं हैं। उन्हें आपस में लड़ने दें। हम इससे परेशान नहीं हैं। एक मित्र देश के रूप में हम आशा करते हैं कि भारत कुछ ऐसा नहीं करेगा जिससे हमारे संबंध प्रभावित हों।मोमेन ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व भी उनके दावे की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश धार्मिक सौहार्द को कायम रखता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी धर्मों के लोगों को बराबर अधिकार मिले। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा कि ढाका में अमेरिकी राजदूत अर्ल आर मिलर से बात की और उन्होंने भी नागरिकता विधेयक पर चिंता जाहिर की।

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