मेरठ, नववर्ष के करीब आते-आते इसके लिए तैयारियां भी तेज के साथ होने लगी है। हालांकि इस साल के जश्न में कोविड19 का असर तो दिखेगा ही, लेकिन बावजूद इसके लोग जश्न की तैयारी में जुट गए हैं। नए साल का जश्न अपनों के साथ मनाने के लिए लोग कई तरह से प्लानिंग कर रहे हैं।
कोरोना की वजह से इस बार नए साल पर शहर में डीजे पार्टी और धूम-धड़ाका नहीं होगा। ऐसे में घूमने-फिरने के शौकीन शहरवासी आसपास के हिल स्टेशन पर परिवार और दोस्तों संग नए साल का जश्न मनाने को होटल और विला बुक करा रहे हैं। बाहर जाने का क्रेज लोगों में बना हुआ है। हर जगह कोविड गाइडलाइन का पालन तो करना ही होगा।
ऐसे कराई जा रही बुकिंग
ट्रेवल एजेंसी संचालकों का कहना है कि कोरोना काल में सुरक्षा नियमों का ध्यान रखते हुए लोग इस बार होटल की जगह विला और छोटे घर बुक कर रहे हैं। जहां वह दो से चार दिन रुककर आनंद ले सकें। इस साल यह नया टे्रंड है। ये विला और घर शहर से दूर होते हैं। जहां शहर का शोरशराबा भी नहीं होता। उत्तराखंड हो या फिर राजस्थान, लोगों को ये विला ही ठहरने के लिए पसंद आ रहे हैं।
कोरोना काल में लगी बंदिशों के कारण लोग अन्य स्थानों की जगह गोवा जाना खूब पसंद कर रहे हैं। ऐसे में यहां घूमने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। नवविवाहित जोड़े हों या फिर दोस्तों के संग मौज-मस्ती करने के लिए लोग गोवा में नए साल का जश्न मनाने का प्लान कर रहे हैं। यहां तीन रात चार दिन का खर्च 60 से 65 हजार रुपये तक है।
राजस्थान का मौसम बेहतर
राजस्थान घूमने के लिए सर्दियों का मौसम बेहतर माना जाता है। नए साल की पार्टी और शापिंग करने के लिए लोग राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर घूमने जा रहे हैं। यहां विला और छोटे घर में ठहरने को 10 से 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, राजस्थान टूर पैकेज की कीमत 15 से 35 हजार रुपये तक है।
जिम कार्बेट भी अच्छा विकल्प
जो लोग अपनी गाड़ी से चार से पांच घंटे का सफर कर नए साल की पार्टी पहाड़ों पर मनाना चाहते हैं, उनके लिए देहरादून, मसूरी और जिम कार्बेट सबसे अच्छा विकल्प है। यहां होटल और विला अपनी पसंद से दोनों ही जगह बुकिंग करवाकर रहा जा सकता है। कोरोना काल में लोग विला बुक करवाकर आसपास के हिल स्टेशन पर नए साल का जश्न मनाने वाले हैं।
इनका कहना है
क्रिसमस के बाद लोग अब नए साल पर घूमने और पार्टी के लिए हिल स्टेशन पर होटल की बुकिंग करवा रहे हैं। ज्यादातर लोग इतनी दूरी पर ही जाने का प्लान बना रहे हैं, जहां अपनी गाड़ी से चार से पांच घंटे में आसानी से पहुंचा जा सके।
– अभिलाष गुप्ता, फ्रिजोन ट्रेवल वेस्टर्न कचहरी रोड
इस साल गोवा, राजस्थान घूमने वालों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा उत्तराखंड में हिल स्टेशन पर घूमने वालों की संख्या भी अधिक है। इन सभी जगहों के लिए काफी बुकिंग पहले ही हो चुकी हैं।
– आकाश खन्ना, निदेशक गोपाल ट्रेवल्स, आबूलेन
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