1 साल में आतंकवाद से 340 लोगों ने गंवाई अपनी जान
ग्लोबल टेररिज़्म इंडेक्स 2017 के हिसाब से 10 के स्कोर के साथ इराक दुनिया में सबसे ज़्यादा आतंकवाद से जूझने वाला मुल्क है. ऐसे शीर्ष 5 मुल्कों में इराक के अलावा अफ़गानिस्ता, नाइजीरिया, सीरिया और पाकिस्तान शामिल हैं. रैंकिंग के मामले में भारत आठवें नंबर पर है. नज़र डालिए रिपोर्ट पर और समझिए कि दुनिया में कैसे तबाही मचा रहा है आतंकवाद?
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की बात करें तो वो दुनिया में आतंकवाद से सबसे प्रभावित पांचवां देश है. स्कोर के मामले में पाकिस्तान जहां 8.40 पर है तो वहीं भारत 7.53 पर मौजूद है. बीते साल भारत में 340 लोगों ने आतंकवाद के चलते अपनी जान गंवायी वहीं पाकिस्तान में ऐसे पीड़ितों की संख्या 956 थी. साल 2000 से 2016 के दौरान की बात करें तो आतंकवाद का शिकार बनने वालों की कुल तादाद 8238 थी.
दुनिया के सबसे ख़तरनाक आतंकी संगठन
वैसे तो दुनिया में सैकड़ों की संख्या में आतंकी संगठन हैं लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक 4 संगठन सबसे ज़्यादा मानवता के लिए ख़तरा बने हुए हैं. जो चार आतंकी संगठन सबसे ज़्यादा ख़तरा हैं, उनमें ISIS, बोको हरम, तालिबान और अल कायदा शामिल हैं.
इस्लामिक स्टेट की इराक, जॉर्डन, सीरिया, तुर्की, यमन, बेल्जियम, जॉर्जिया जैसे मुल्कों में मौजूदगी है. बोको हरम कैमरून, नाइजीरिया और निगर जैसे मुल्कों में हिंसा फैला रहा है. आतंकी संगठन तालिबान की बात करें तो उसकी गतिविधि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में मौजूद है. आखिरी संगठन अल कायदा की बात करें तो वो अल्जीरिया, बांग्लादेश, केन्या, माली, निगर, पाकिस्तान, रूस, सीरिया, युगांडा, यमन और बुर्किना फासो में मौजूद है.
1 साल में आतंक की भेंट चढ़े हज़ारों
बीते एक साल में आतंकवाद के चलते दुनिया में हज़ारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. आतंकवाद से त्रस्त शीर्ष 10 देशों की बात करें तो उनकी तादाद करीब 22 हज़ार है. सबसे ज़्यादा 9765 जान इराक में गई. वहां घायलों की तादाद 13314 है. आतंकियों के निशाने पर लोगों की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक पहले नंबर पर आम लोग और निजी संपत्ति थे. उसके अलावा पुलिस, अज्ञात, सरकार और अन्य लोग शामिल है.
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