वायु प्रदूषण दिल्ली में फिर पड़ रहा भारी, हवा की गुणवत्ता बहुत खराब, ये है कारण

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को समग्र रूप से हवा की गुणवत्ता गिरकर बहुत खराब श्रेणी में चली गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्कोर 304 हो गया। ऐसा सीजन में पहली बार हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्थानीय प्रदूषक कण अभी तक बिखरे नहीं हैं।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता लैब के प्रमुख वी.के.शुक्ला ने कहा कि हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई है, क्योंकि स्थानीय प्रदूषकों को बिखराव नहीं हो रहा है, ऐसा मौसम की प्रतिकूल स्थितियों की वजह से है।

शुक्ला ने कहा कि राजधानी में पराली जलाने का स्तर बहुत ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता के आकलन के लिए जाड़ा महत्वपूर्ण होगा। सीपीसीबी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता की निगरानी के लिए 46 टीमें बनाई हैं, जो संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए समीर एप से सूचनाएं भेज रही हैं।

इन्वायरमेंट पॉल्यूशन (प्रिवेंशन और कंट्रोल) अथॉरिटी (ईपीसीए) ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) 15 अक्टूबर से लागू है। सफर इंडिया के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में समग्र रूप से हवा की गुणवत्ता गुरुवार को बहुत खराब श्रेणी के निचले स्तर पर ही और पीएम 2.5 रहा और लेड प्रदूषकों का स्कोर 125 रहा। यह सीजन में पहली बार है कि यह इस जोन में आई है और इसके अगले दो दिनों में इसी श्रेणी में बने रहने की संभावना है।

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