पडरौना,कुशीनगर : कुशीनगर की गेहूं क्रय एजेंसियों ने सिर्फ 70 किमी दूर बसे फर्जी किसानों से ही खरीद नहीं की है, बल्कि कुशीनगर में भी फर्जीवाड़ा किया है। आलम यह है कि यहां के एक लघु-सीमांत किसान से भी मानक से अधिक गेहूं खरीदा है। इनके नाम इतनी जमीन है ही नहीं, जिस पर वे 50-60 कुंतल की उपज ले सकें। बावजूद इसके लघु-सीमांत किसानों से 300 कुंतल से अधिक की खरीद हुई है। इस मसले पर अधिकारी कुछ बोलने से कन्नी काट रहे हैं। जांच की बात कह मामले को पूरी कोशिश कर रहे हैं।
पहला मामला कुशीनगर के सुकरौली ब्लॉक की है, जहां लंगड़ी निवासी किसान पारस (1890017580) लघु-सीमांत किसान है। इनकी सारी जमीन पर अगर गेहूं की बुवाई कर दें तो भी इनके पास 140 कुंतल गेहूं की पैदावार नहीं हो सकती है। बावजूद इसके पारस से दो बार मे की गई खरीद 140 कुंतल में आंकड़े तक पहुंच गई है। पारस ने रामकोला विकासखंड के लालछपरा स्थित क्रय केंद्र पर 30 अप्रैल 2018 की सुबह 06:09 बजे 140 कुंतल गेहूं (रुपये 02 लाख 44 हजार 300) की खरीद हुई है।
इतना ही नहीं, पारस से 30 अप्रैल 2018 की सुबह 05:45 बजे सुकरौली ब्लाक में पड़री क्रय केंद्र ने भी 180 कुंतल (रुपये 03 लाख 14 हजार 100) की खरीद की गई है। यानी दोनों क्रय एजेंसियों ने मिलकर इस लघु-सीमांत किसान से 320 कुंतल (रुपये 05 लाख 58 हजार 400) की खरीद कर ली है। दूसरा मामला सुकरौली विकासखंड के भलुही का है, जहां के किसान अनिरुद्ध (1890017581) से रामकोला विकासखंड के लालछपरा स्थित क्रय केंद्र ने 30 अप्रैल,2018 की सुबह 06:08 बजे 210 कुंतल (रुपये 03 लाख 66 हजार 450) गेहूं खरीदा है।
इतना ही नहीं, 30 अप्रैल 2018 की सुबह 05:51 बजे इनसे 122 कुंतल (रुपये 02 लाख 12 हजार 890) की खरीद कर ली गयी है। यानी दोनों क्रय एजेंसियों ने अनिरुद्ध से कुल 332 कुंतल (रुपये 05 लाख 79 हजार 340) की खरीददारी की। यह संभव नहीं है। तीसरे मामले में हाटा तहसील क्षेत्र के मदरहा के किसान ओमप्रकाश (18900017582) से पड़री स्थित क्रय केंद्र ने 30 अप्रैल 2018 की सुबह 06:02 बजे 54 कुंतल (रुपये 94 हजार 230) और 30 अप्रैल की सुबह लालछपरा स्थित क्रय केंद्र ने 178 कुंतल (रुपये 03 लाख 10 हजार 610) की खरीद की है। इस लघु-सीमांत किसान से भी कुल 232 कुंतल (रुपये 04 लाख 04 हजार 840) की खरीद जी गयी है। फर्जीवाड़ों के संबंध में कुशीनगर के एआर बृजकिशोर मिश्र का कहना है वो अभी नये हैं। मामले को समझ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायतें मिल रही हैं। खड्डा और रामकोला में एक-एक क्रय केंद्रों पर कार्रवाई हुई है। जैसे-जैसे गलतियों का पता चलेगा, वैसे-वैसे यह कार्रवाई आगे बढ़ती रहेग जिन किसानों के नाम ढाई एकड़ से कम जमीन है, वे सीमांत किसान कहे जाते हैं। एक एकड़ में औसत गेहूं उत्पादन 12 से 15 कुंतल होता है। ऐसे ही जिन किसानों के नाम से पांच एकड़ से कम जमीन है, उन्हें लघु किसान कहते हैं। इनका अधिकतम औसत उत्पादन 75 कुंतल हो सकता है।
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