राजनीति– बीते कुछ माह बाद मध्यप्रदेश में चुनाव होने वाला है। वर्तमान में यहां भाजपा की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में भाजपा के सामने खड़ी हैं। सामान्य तौर पर यहां भाजपा और कांग्रेस के मध्य कांटे की टक्कर होती है। दोनों ही दलों ने जनता को अपने खेमे में करने की रणनीति तैयार कर ली है।
लेकिन इस सबके बीच आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश में दस्तक दी है। विशेषज्ञ का कहना है कि मध्यप्रदेश का चुनाव गुजरात की तर्ज पर होगा और आम आदमी पार्टी स्वयं को भाजपा का मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनाकर कांग्रेस का पत्ता साफ करने की कोशिश में लगेगी।
कैसे बनी बीजेपी की सरकार-
शुरुआती दौर में जब मध्यप्रदेश में चुनाव हुआ। तो कई छोटे छोटे दलों के साथ मिलकर कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाई। लेकिन कुछ वक्त के बाद पार्टी के बीच आंतरिक कलह उत्पन्न हुई। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा का दामन थाम लिया। इससे पार्टी कमजोर पड़ने लगी और भाजपा ने अपनी सरकार बना ली।
भाजपा की सरकार बनी तो कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में खड़ी हो गई। वहीं अब मध्यप्रदेश में चुनाव के दौरान कांग्रेस सीधा जनता से संपर्क साध रही है और स्वयं को स्थापित करने के लिए भाजपा सरकार की कमियां गिना रही है।
लेकिन इस सबके बीच मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी की दस्तक हो चुकी है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली मॉडल के बलबूते पर स्वयं को सत्यापित करने की कवायद में जुटी हुई है। अब ऐसे में यह चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है क्योंकि यहां अब सिर्फ कांग्रेस या भाजपा नही बल्कि आम आदमी पार्टी भी मैदान में है।
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