इस्लाम के रास्ते से भटकने वाले इंसान को जुल्मों सितम से नहीं शराफत व मोहब्बत से पेश आएं मुसलमान : सैफुल्लाह अलीमी

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रिपोर्ट उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : अंतरराष्ट्रीय ओलमा सैफुल्लाह अलीमी ने कहा अल्लाह ताला का फरमान है कि अगर किसी को सच्चाई व ईमानदारी के रास्ते पर लाना है तो उसे जुल्मों सितम से नहीं बल्कि शराफत व मोहब्बत से पेश आया जाए,एक ना एक दिन वह बंदा जरूर सुधर जाएगा,यही इस्लाम पैगाम है । मौलाना सैफुल्लाह बुधवार को जिले के पडरौना,तमकुहीरोड मार्ग स्थित गांव बसहियां बनबीरपुर में ताजुश्शरिया चौक पर आयोजित रही जलसा प्रोग्राम कान्फ्रेंस में बोल रहे थे।

इस दौरान मौलाना कमरुद्दीन सोहदाए कर्बला कान्फ्रेंस में कहा कि इस्लाम को फैलाने के समय जालिमों ने बहुत ज्यादा जुल्मों सितम ढाया लेकिन इस्लामी पैगाम फैलाने वाले मुरीद तमाम सितम सह कर भी इस्लाम को कायम किया है,इस्लाम के लिए जब कर्बला में यजीदीओं के साथ इस्लाम के खातिर जंग शुरू किया तो,जंग में इस्लाम बचाने के साथ साथ इस्लाम कायम करने के लिए हुजूर पैगंबर मोहम्मद के नवासे एमाम हसन-हुसैन ने उन यजीदियों से जंग करते-करते सजदे में सर कटा दिया,लेकिन हार नहीं माने और इस्लाम के लिए शहीद हो गए ।

इस मौके पर कान्फ्रेंस प्रोग्राम में इंटरनेशनल मशहूर ओलमा के अलावे जनपद के तमाम मौलानाओं ने बारी बारी से नातिया कलाम से जलसे में आए मोमिनों के बीच अपनी,अपनी तकरीर पेश की। जलसे में ग्राम प्रधान बसहिया प्रतिनिधि मु : कलीम,गुलामाने ताजुश्शरिया कमेटी के अध्यक्ष,बाबर अली, सोनू,शहबाज,तालीब,फिरोज, अफरोज,साहेब अली समेत कमेटी सदस्य मौजूद रहे।

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