JNU स्टूडेंट्स और महिला पत्रकार पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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नई दिल्ली, संसद की ओर मार्च की कोशिश कर रहे जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्रों और शिक्षकों को पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछारें डालकर रोका। इन लोगों की अकादमिक आजादी समेत कई मांगे हैं। विश्वविद्यालय परिसर से शुरू हुई इस पदयात्रा का आयोजन जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने किया था।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला किया। एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि वर्दी वाले एक व्यक्ति ने उसे पकड़ा और वहां से जाने को कहा। महिला पत्रकार ने बताया कि ऐसा करने वाला दिल्ली पुलिस में निरीक्षक है। पत्रकार ने इस बाबत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया कि छात्रों को मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन छात्रों ने ऐसा किया। बिना मंजूरी के मार्च निकालने पर 23 छात्रों को हिरासत में लिया गया।
छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने आईएनए मार्केट में बैरिकेड लगाए थे, मगर छात्रों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इस धक्का-मुक्की में कई छात्र और पुलिस वालों को भी चोट आईं। छात्रों को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के संसद की ओर मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की करने और उसका कैमरा छीन लेने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला पत्रकार एक निजी अखबार में काम करती है।
उसने जब पुलिस और छात्रों की झड़प के दौरान फोटो लेने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन वहां से हटा दिया। साथ ही उसका कैमरा भी छीन लिया। जानकारी के मुताबिक, महिला पत्रकार ने मामले में शिकायत दर्ज करवा दी है।
पत्रकार ने आरोप लगाया कि फोटो लेने के दौरान एक वर्दी वाले शख्स ने उसे पकड़ा और वहां से जाने को कहा। उसने अपनी शिकायत में बताया कि ऐसा करने वाला दिल्ली पुलिस में निरीक्षक है। आरोप है कि पीछे नहीं हटने पर महिला पत्रकार को बलपूर्वक वहां से हटाया गया। इतना ही नहीं उसका कैमरा भी छीन लिया गया। घटना के बाद पत्रकार ने इस बाबत शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस का कहना है कि छात्रों को रोकने के लिए जो बैरिकेड्स लगाए गए थे, महिला पत्रकार उसके गलत साइड खड़ी हुई थी, जिस वजह से उसे वहां से हटाया गया। हालांकि, इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
23 छात्र हिरासत में लिए गए
जेएनयू में 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता और यौन उत्पीड़न के आरोपी शिक्षक के निलंबन की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे छात्रों और शिक्षकों को पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछारें डालकर रोका था। इस दौरान छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई। बैरिकेड्स पार करने की कोशिश कर रहे करीब 23 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
छात्रों का आरोप है कि बिना किसी उकसावे के उन पर बल प्रयोग किया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी। बावजूद इसके उन्होंने न सिर्फ संसद की ओर रैली निकाली बल्कि पुलिस के बैरिकेडे्स को बल पूर्वक पार करने की कोशिश भी की।

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