सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सांकेतिक विवाह करने वाली महिला के खिलाफ कल देशद्रोह का मामला दर्ज करने के साथ ही जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार दुल्हन के साथ उसकी सखियों को भी जेल भेजा गया है।
सीतापुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नैमिषारण्य में आगमन पर उनका काफिला रोकने के प्रयास में कल गिरफ्तार नीतू सिंह (दुल्हन) को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया। उनके साथ पुलिस ने उनकी तीन सहेलियों को भी जेल भेजा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाली महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की नेताओं पर राजद्रोह जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज हुआ है। इनके खिलाफ मिश्रिख के अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र में हाइवे जाम करने का भी केस दर्ज हुआ था।
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कड़ी सुरक्षा के बीच चारों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। जहां सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में चारों को जेल भेज दिया। नीतू सिंह को जब कोर्ट से जेल भेजा गया। उस बीच सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिला कार्यकर्ता कोर्ट के बाहर नीतू सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रही थी। अपनी गिरफ्तारी के बाद नीतू सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को वोट किया था, उन्हें ये सजा मिली है। पांच दिसंबर को संघ अध्यक्ष नीतू सिंह ने दुल्हन का रूप धारणकर योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ सांकेतिक तौर पर विवाह रचाया था। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में मानदेय बढ़ाने सहित तेरह मांगों को लेकर चार दिसंबर से दूसरे चरण का आंदोलन चल रहा था। आंदोलन के दौरान ही संघ की अध्यक्ष नीतू ङ्क्षसह ने पांच दिसंबर को धरना स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ उनकी दूल्हन बन कर शादी का स्वांग रचा था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नैमिषारण्य आगमन पर नीतू सिंह शादी का जोड़ा पहन संगिनी सविता वर्मा, मंजू बंसवार व संतोष कुमारी के साथ सीएम के काफिले को रोकने की कोशिश की थी।
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इसी कोशिश में उन्हें पुलिस ने दबोच लिया था। जिसके बाद उनके खिलाफ कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व उन पर हाइवे जाम को लेकर शहर कोतवाली में राजद्रोह का भी केस दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में कल पुलिस ने नीतू सहित चार महिलाओं को जेल भेज दिया। इनको जेल भेजने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का भी खासा बंदोबस्त किया था। पुलिस को अंदेशा था कि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की इन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद संघ से जुड़ी अन्य महिलाएं कहीं बड़ा विरोध प्रदर्शन कर हंगामा कर सकती हैं। सीओ योगेंद्र सिंह का कहना कि आंगनबाड़ी संघ की चारों कार्यकर्ता बार-बार मार्ग जाम कर रहीं थी। कई बार कहने के बावजूद प्रदर्शन पर अड़ी हुईं थीं। इन पर कड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है। उधर सीतापुर में आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन कल छठे दिन भी जारी रहा।
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आंगनबाड़ी संगठन की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह सहित 29 लोग नामजद तथा 65 से 70 अन्य अज्ञात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में दर्ज किए गए मुकदमे और जिलाध्यक्ष सहित अन्य 3 महिलाओं को जेल भेजने का कांग्रेस ने विरोध किया है।
जिलाध्यक्ष विनीत दीक्षित ने घोर निंदा की और कहा कि जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक कांग्रेस पार्टी उनके कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले छह माह में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं, उनपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया तो उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर विकास भवन के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी रहा। यहां भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था।
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