PNB स्कैम : जानिए कैसे हुआ घोटाला , घोटाले में कई चौंकाने वाली जानकारियां

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नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में इस समय सुर्खियों में चल रहा अरबपति आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी बैंक की ओर से इस मामले में शिकायघ्त मिलने से काफी दिन पहले गत एक जनवरी को ही देश से बाहर चला गया था। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि पीएनबी ने 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में 29 जनवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई को शिकायत की थी।

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अधिकारियों का कहना है कि नीरव का भाई निशल बेल्जियम के नागरिक हैं। वह भी एक जनवरी को देश छोड़ कर चला गया। उसकी पत्नी और अमेरिकी नागरिक एमी तथा गीतांजलि जूलरी स्टोर श्रृंखला चलाने वाली फर्म में भागीदारी मेहुल चोकसी छह जनवरी को देश से बाहर चले गए।

  करीब 11,500 करोड़ रुपये के इस फर्जीवाड़े का असर दो सरकारी बैंक और एक प्राइवेट बैंक पर पड़ेगा। इन बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक शामिल हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक ने पीएनबी द्वारा जारी किए गए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के आधार पर क्रेडिट की पेशकश की थी।

इस पूरे मामले की जड़ मे लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू शामिल है। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि खातेदार डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाए का भुगतान करे।

पीएनबी के एक डेप्युटी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने कथित तौर पर स्विफ्ट मेसेजिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया। बैंक इसी सिस्टम से विदेशी लेनदेन के लिए LOUs के जरिए दी गई गारंटीज को ऑथेंटिकेट करते हैं। इन्हें ऑथेंटिकेशनों के आधार पर कुछ भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं ने फॉरेक्स क्रेडिट दी थी।

यह घोटाला कथित रूप से जूलर नीरव मोदी ने किया है। इस घोटाले में कई बड़ी आभूषण कंपनियां मसलन गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र भी विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गई हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘चार बड़ी आभूषण कंपनियां गीतांजलि, गिन्नी, नक्षत्र और नीरव मोदी जांच के घेरे में हैं। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंकों से सांठगांठ और धन के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं।’ इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज करने के बाद एजेंसी ने इन चारों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था ताकि देश से बाहर जाने आने के रास्तों पर इनकी की जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि नीरव मोदी स्विटजरलैंड में हैं।

वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दावोस (स्विट्जरलैंड) में नामी भारतीय कंपनियों के मुख्य कार्यपालकों (सीईओ) के समूह के साथ फोटो में शामिल हैं। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के सम्मेलन की इस फोटो को 23 जनवरी प्रेस सूचना ब्यूरो ने जारी किया था। इसके छह दिन बाद ही पंजाब नेशनल बैंक ने उनके खिलाफ पहली शिकायत जारी की।

अधिकारियों का कहना है कि नीरव मोदी तो भारतीय नागरिक हैं लेकिन उनके भाई निशल तथा पत्नी एमी भारतीय नागरिक नहीं हैं। नीरव मोदी 2013 से ही धन व चर्चित भारतीयों की सूची में लगातार आते रहे हैं। सीबीआई ने नीरव, उनकी पत्नी, भाई व कारोबार भागीदारी चोकसी के खिलाफ 31 जनवरी को मामला दर्ज किया था। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक से कथित रूप से 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है। बैंक ने मंगलवार को सीबीआई को भेजी दो और शिकायतों में कहा कि यह घोटाला 11,400 करोड़ रुपये का है।

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