नई दिल्ली । चालीस साल बाद सबसे बड़ी बाढ़ का खतरा पर मंडरा रहा है। इस बाढ़ की आशंका को देखते हुए दिल्ली में सभी संबंधित एजेंसियां अलर्ट पर हैं। यमुना के बाढ़ क्षेत्र को खाली करने का आदेश जारी हो गया है। अधिकारियों का दावा है कि दिल्ली सरकार हर तरह के हालात से निपटने को तैयार है। इससे पहले, रविवार को हथिनी कुंड बैराज से हर घंटे पानी छोड़ा गया।
सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुआ पानी छोडने का सिलसिला देर शाम तक हर घंटे जारी रहा। इस साल की मानसूनी बारिश में दिल्ली में बाढ़ का संकट पहली बार गहराया है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से रविवार को दिनभर में छोड़े गए करीब 21 लाख क्यूसेक पानी का असर अगले दो दिन में दिल्ली में दिखेगा। यमुना सोमवार को खतरे के निशान को पार कर गई है। गौरतलब है कि इस समय यमुना का जलस्तर 204.70 मीटर है जो खतरे के निशान से 0.20 मीटर ऊपर है। बता दें कि खतरे का निशान 204.50 मीटर है।
दिल्ली में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर हैं। बाढ़ राहत से जुड़ी टीमों को अलग-अलग इलाके में तैनात किया गया है। वहीं, यमुना खादर को खाली कराने के लिए सिविल डिफेंस के कर्मी लोगों को चेतावनी जारी कर रहे हैं। उस्मानपुर, खजूरी चैक, पुराने लोहे के पुल, गीता कॉलोनी की अलग-अलग ठोकर, मयूर विहार, बुराड़ी जैसे इलाकों में जाकर खादर में रह रहे लोगों को यमुना में जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जगह खाली करने को कहा गया है।
दिल्ली के सीएम ने अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि उनकी सरकार 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुई है। उन्होंने लोगों से शाम 6 बजे तक राज्य सरकार द्वारा बनाए गए टेंट में पहुंच जाने का आग्रह किया है। राज्य सरकार ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है।
आपात स्थिति में मदद के लिए 011-22421656 और 011-21210849 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। कुल 23860 लोगों को बाढ़ क्षेत्रों से हटाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यमुना किनारे रहने वाले लोग आज यानी सोमवार शाम 6-7 बजे तक टेंट्स में आ जायें। आने वाले दो दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने लोगों को बिना घबराए किनारे के इलाकों से निकल कर खाली टेंट में आने की सलाह दी।
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