मुंबई। महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में किसी भी एक दल को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला। हालांकि भाजपा और शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला है। भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 यानी कुल 161 सीटें मिलीं। अब दोनों दल मुख्यमंत्री पद को लेकर आमने-सामने हैं।
शिवसेना का कहना है कि भाजपा को सरकार में 50-50 का फॉर्मूला अपनाना चाहिए। इस बीच मंगलवार को पिछली सरकार में मुख्यमंत्री रहें देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना की मांगों पर मेरिट के आधार पर विचार हो रहा है। हमारे पास कोई प्लान ए या बी नहीं है। ये बात तय है कि मैं ही मुख्यमंत्री बनूंगा। हमारे पास 10 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है, जल्द ही यह संख्या 15 तक पहुंच जाएगी।
मीडिया में जो भी आ रहा है उससे इतर ये साफ है कि भाजपा की अगुवाई में ही सरकार का गठन होने जा रहा है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में जो भी लिखा जाता है, वह ठीक नहीं है। वह बात बिगाडऩे का ही काम कर रहा है। बुधवार को विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव किया जाएगा।
शिवसेना पांच साल के लिए मुख्यमंत्री पद चाहती है, लेकिन मांगना और प्रेक्टिकल होना दो अलग बातें हैं। सीएम पद को लेकर कभी कोई फिफ्टी-फिफ्टी फॉर्मूला तय नहीं हुआ। शिवसेना की अगर कोई मांग है, तो उसे हमारे पास आना चाहिए. हम उन मांगों पर मेरिट के आधार पर बात करेंगे। आपको बता दें कि 8 नवंबर तक नई सरकार का गठन होना है। शिवसेना से बात न बनने पर भाजपा 2014 की जैसे अल्पमत की सरकार बना सकती है, जिसके गठन के बाद सदन में बहुमत परीक्षण किया जाएगा।
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