प्रयागराज कुंभ में गंगा, यमुना और सरस्वती का अदृश्य नदी के मिलन स्थल संगम में हजारों साधु-संतों समेत करोड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. 15 जनवरी से शुरू हुए कुंभ में मौनी अमावस्या पर तीसरा शाही स्नान है. पहला शाही स्नान कुंभ के शुरुआती दिन मकर संक्रांति पर हुआ था जबकि दूसरा स्नान 21 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर हुआ.सोमवार सुबह 6.15 बजे से ही संन्यासी अखाड़ों के साधु-संतों समेत हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई. सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा संगम तट पर पहुंचा. साथ में अटल अखाड़ा भी शामिल था.
इसके बाद बैरागी और उदासीन अखाड़ों के स्नान का समय तय किया उनके अलावा महिलाएं और बच्चे स्नान के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर ‘कुंंभ नगरी पहुंचे. मुख्य तिथियों के दिन स्नान में कोई परेशानी नहीं आए, इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. ‘मौनी अमावस्या’ शाही स्नान से पहले कुंभ की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पूरे इलाके को 10 जोन और 25 सेक्टरों में बांट दिया गया है, जिसकी निगरानी एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है.
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