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पडरौना,कुशीनगर : डीएम के निर्देश पर एसडीएम की छापेमारी में गुरुवार की शाम को ऐसे रैकेट का खुलासा हुआ है,जो एफसीआई गेट पर ही ट्रक से निकलते समय खाद्यान्न की बोरियां पार कर निजी गोदाम में पहुंचा देता था। वहां से इसकी ब्लैक मार्केटिंग होती थी। माना जा रहा है कि इसमें एसएमआई व एफसीआई के साथ ही परिवहन ठेकेदार की मिलीभगत होगी।
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डीएम भूपेन्द्र एस चौधरी को को किसी ने गुप्त सूचना दी थी कि पडरौना-कसया रोड स्थित एफसीआई गोदाम से जब ट्रक खाद्यान्न लेकर एसएमआई गोदामों के लिए निकलता है तो गेट पर कुछ लोग ट्रक से खाद्यान्न की बोरियां उतार लेते हैं। हर ट्रक से दो कुंतल खाद्यान्न निकाला ही जाता है। हर दिन शाम को इन सभी बोरियों को साखोपार के एक निजी गोदाम में पहुंचा दिया जाता है। वहां से इनकी काला बाजारी की जाती है।
इस आधार पर डीएम ने एसडीएम पडरौना रामकेश यादव को टीम के साथ छापेमारी का निर्देश दिया।
शाम को करीब छह बजे एसडीएम अपनी टीम के साथ एफसीआई गोदाम पर पहुंचे तो वहां से एक युवक बाइक से खाद्यान्न की दो बोरियां कहीं ले जा रहा था। एसडीएम ने उसे पकड़ कर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह यह खाद्यान्न साखोपार के एक निजी गोदाम में ले जा रहा है।
एसडीएम उसे साथ लेकर निजी गोदाम पर पहुंचे। गोदाम मालिक शैलेष निवासी साखोपार को बुलाया गया। गोदाम खुला तो वहां 78 बोरी खाद्यान्न बरामद हुआ। एसडीएम ने इसके बाद पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी और गोदाम मालिक शलेष तथा बाइक से खद्यान्न ले जाते पकड़े गए दीपू निवासी सोहनरिया को कसया पुलिस के हवाले कर दिया। एसडीएम की सूचना पर मौके पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया पूर्ण बोहरा ने निजी गोदाम को सील कर दिया है। रखा गया खाद्यान्न पडरौना के एसएमआई की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। पकड़े गए दोनों व्यक्तियों पर ईसी एक्ट कर केस दर्ज कराया जाएगा।
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“डीएम के निर्देश पर टीम के साथ मौके पर पहुंचा तो खाद्यान्न चोरों के रैकेट की जानकारी हुई है। यह जिम्मेदारों के मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। पकड़े गए लोगों पर केस दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस जांच में पूरे गिरोह का खुलासा होगा।”
रामकेश यादव,एसडीएम पडरौना
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एफसीआई से ही गरीबों का राशन चोरी होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। गोदाम से एसएमआई गोदाम तक पहुंचाने का और इसके बाद कोटेदार के गोदाम तक परिवहन ठेका इसलिए दिया गया था ताकि सही मात्रा में तौल कराने के बाद कोटेदार तक खाद्यान्न पहुंचे। और कोटेदार तय मात्रा में ही गरीबों को राशन दे। मगर चोरों ने इसमें सेंधमारी शुरू कर दी। एफसीआई गोदाम से ही प्रति ट्रक दो कुंतल खाद्यान्न चोरी होता है। इसके बाद एसएमआई गोदाम से भी इसी अनुपात में चोरी होती है। अंत में कोटेदार दोषी करार दिया जाता है। पहले स्टेज पर ही चोरी पकड़े जाने के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह गरीबों का राशन चुराने वाले हर चेहरे को बेनकाब करे।
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