राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir) की भारी किल्लत, जानिए क्या कहना है प्रभारी स्वास्थ्य सचिव का

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 देहरादून। राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir) की भारी किल्लत है। ऐसे में अब अस्पतालों को इसके तर्कसंगत इस्तेमाल की हिदायत दी गई है। प्रभारी स्वास्थ्य सचिव डा. पंकज कुमार पांडेय ने साफ किया है कि यह इंजेक्शन कोरोना के हर मरीज को नहीं लगता है। कोविड अधिकृत निजी अस्पतालों से प्रतिदिन की ऑक्सीजन की खपत के प्रस्ताव भी उन्होंने मांगे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को केंद्र से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी। ऐसे में अस्पताल अपने-अपने जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारियों को उक्त प्रस्ताव दे सकते हैं।

कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रभारी सचिव ने समस्त मुख्य चिकित्साधिकारियों व कोविड आरक्षित निजी चिकित्सालयों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य के तीनों मेडिकल कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्र और जीएनएम, बीएससी नर्सिंग व पोस्ट बेसिक नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों से कोविड अस्पताल में कार्य लिए जाने की सरकार की योजना है।

उन्होंने कहा कि मामलों में निरंतर बढोत्तरी देखने में आ रही है। इस कारण सरकारी और निजी अस्पतालों को अपने यहां बेड बढ़ाने व मानव संसाधन की कमी को दूर की जरूरत है। कोविड अधिकृत चिकित्सालय नजदीकी होटलों को चिह्नित कर अतिरिक्त बेड बढ़ाने का भी प्रस्ताव भेज सकते हैं।

सभी कोविड अधिकृत चिकित्सालयों को पोर्टल में रियल टाइम पर समस्त सूचनाएं अपडेट करनी है। इस दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा व चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति डा. हेमचंद्र पांडे ने समस्त चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों से अपील की कि संक्रमितों को उचित उपचार मुहैया कराए

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