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कुशीनगर। सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पडरौना तहसील मुख्यालय पहुँचे। लेकिन पहले से कोतवाल के अगुवाई में मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें तहसील गेट पर ही रोक लिया। फिर वार्ता के बाद कुछ वरिष्ठ नेता अंदर गये और राज्यपाल के नाम सम्बोधित पत्रक उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर सपा कार्यकर्ता प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियों,कोरोना संकट,किसान,नौजवान, बुनकर विरोधी नीतियों, प्रदेश में हो रही हत्या,पुलिस उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न आदि के खिलाफ एमएलसी राम अवध यादव के अगुवाई में सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जैसे ही पडरौना शहर से तहसील की ओर बाइक लेकर बढ़े,पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जिसके बाद सपा के वरिष्ठ नेताओं एवं पुलिस के बीच बहस शुरू हो गयी। फिर पुलिस ने उन्हें शांति से तहसील तक जाने दिया। उधर सपाइयों का हुजूम जैसे ही तहसील गेट के पास पहुँचा पुलिस ने गेट बंद कर सभी को बाहर रोक लिया।
फिर अधिकारियों से वार्तालाप के बाद वरिष्ठ सपा नेता विक्रमा यादव, हैदर अली राईनी, कौशल कुमार शुक्ला, कैसर जमाल टीटू, बजरंगी यादव आदि को अंदर जाने दिया गया। जो सपा द्वारा तैयार राज्यपाल के नाम सम्बोधित पत्रक को पुलिस क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज के मौजूदगी में उपजिलाधिकारी रामकेश यादव को सौंप राज्यपाल उत्तर प्रदेश को भेजने का आग्रह किया गया। उधर जब प्रशासन ने सपाइयों को तहसील गेट पर रोका तो सपाई तेज स्वर में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगें।
पत्रक में गन्ना किसानों के बकाये को ब्याज सहित भुगतान,फर्जी पुलिस इनकाउंटर,बिजली दरों में बृद्धि,लॉक डाउन के दौरान का छात्रों का शुल्क माफ करने, अपराध की रोकथाम, वर्ग ख व ग में कर्मचारियों के संविदा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने,बदले के भावना से सपा नेताओं के उत्पीड़न को तत्काल रोकने,बेरोजगार युवकों को भत्ता देने,सहित क्षेत्र के प्रमुख सड़क,नाला, नदी पर पुल बनावने के साथ ही सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने जैसी मांग प्रमुख रहा। इस दौरान प्रमुख रूप से कृष्ण मोहन जायसवाल, राम लखन यादव आदि लोग प्रमुख रहें।
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