भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव, भारत ने भेजे अतिरिक्त सैनिक

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नई दिल्ली । कोरोना काल में भी चीन सीमा पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने वहां अतिरक्त सैनिक भेजे हैं। सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने अक्साई चिन इलाके के करीब गलवां क्षेत्र में 80 टेंट लगाए हैं और वहां सेना की तैनाती बढ़ाई जा रही है। हालांकि चीन के सरकारी मीडिया ने भारत पर चीनी इलाके में अतिक्रमण का आरोप लगाया है।

भारतीय सेना का कहना है कि चीन के सैनिक गलवां घाटी में टेंट लगाकर उकसाने वाली कार्रवाई कर रहे हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पिछले कई सालों से विवादित इलाके में टेंट लगाकर कब्जा करने की कोशिश करती रही है। यह उसकी रणनीति का हिस्सा है।

चीन मई के पहले हफ्ते से लद्दाख में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है। इससे पहले 5 और 6 मई को भी लद्दाख की पेंगोंग सो झील के पास भारत और चीन के सैनिकों की झड़प हुई थी। इस घटना के बाद दोनों देशों ने विवादित इलाकों में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। भारतीय सेना के मुताबिक डेमचोक, चुमार और दौलतबेग गोल्डी इलाकों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई है।

पहले भी हुई थी झड़प
इससे पहले चीन के सैनिकों ने दो साल पहले भी डेमचोक सेक्टर में भारतीय सीमा में 300 मीटर अंदर टेंट लगाया था। भारतीय सेना भी चीनी सेना की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देती है जिससे कई बार हाथापाई हो जाती है। हालांकि हर बार टकराव की वजह अलग-अलग होती है। दोनों देशों के बीच हाल में सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में भी झड़प हुई थी।

सेना प्रमुख एम एम नरवणे ने हाल में कहा था कि भारतीय सैनिक चीन सीमा पर निगरानी के लिए ठिकाने बना रहे हैं। सेना चीन से लगी पूरी सीमा पर इस तरह के ठिकाने बना रही है। पेंगोंग के पास हुई झड़प के बाद दोनों सेनाओं के बीच बातचीत हुई थी। दोनों देशों के बीच 3844 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। इसमें कई जगह स्थिति साफ नहीं है जिससे अक्सर दोनों सेनाओं के बीच झड़प होती रहती है। 2017 में डोकलाम विवाद 73 दिनों तक चला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वुहान यात्रा के बाद यह मामला सुलझ पाया था।

क्‍या है चीन का ताजा आरोप
चीन के सरकारी मीडिया ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि भारत ने गलवां घाटी में अवैध डिफेंस फैसिलिटी बनाई है। इस इलाके में भारत और चीन के बीच कई बार टकराव हो चुका है। भारत ने चीन पर आरोप लगाया है कि चीनी सैनिक उन इलाकों में अपने टेंट लगा रहे हैं जहां भारत रेगुलरली पैट्रोल करता है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने सोमवार को लिखा है कि ‘भारत के चीनी सीमा के भीतर ताजा, अवैध फैसलिटीज के कंस्‍ट्रक्‍शन’ के जवाब में चीन ने बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई है।

लद्दाख में सैकड़ों सैनिक मौजूद
गलवां नदी के फ्लैशपॉइंट पर इस वक्‍त भारत और चीन के सैकड़ों सैनिक तैनात हैं। चीनी एक्‍सपर्ट्स की ओर से वहां के सरकारी मीडिया में धमकी दी गई थी कि ‘अगर भारत अब तनाव को बढ़ाता है तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’ गलवां में तनाव को सुलझाने के लिए लोकल लेवल पर बातचीत हुई है। चीन ने वहां पर 80 से ज्‍यादा तंबू लगाए हैं। गलवां में 5 मई से तनाव शुरू हुआ। चीनी मीडिया का कहना है कि यह 2017 के डोकलाम विवाद के बाद सबसे ज्‍यादा तनाव वाली बात है।

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