यह बयान देकर बुरे फंसे शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी

लखनऊ। मदरसों में आतंकी संगठन आई.एस.आई.एस. की फंडिंग होने और मदरसों में आतंकी पैदा होने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मदरसे बंद करने की मांग उठाने वाले उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद वसीम रिजवी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं ।

रिजवी द्वारा इस सम्बन्ध में मीडिया को स्टेटमेंट जारी किये जाने के बाद हुई खबरों के प्रकाशन से आहत हुए सूबे के नामचीन समाजसेवी, आरटीआई एक्टिविस्ट और पत्रकार तनवीर अहमद सिद्दीकी ने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के मार्फत कश्मीरी मोहल्ला सआदतगंज निवासी रिजवी को लीगल नोटिस भेजकर मदरसों में आतंकी संगठनों की फंडिंग होने, मदरसों में आतंकवादी पैदा किये जाने और अगले 15 साल में देश के आधे से ज्यादा मुसलमानों के आतंकवादी हो जाने के अनुमान के सम्बन्ध में उपलब्ध स्टडीज के प्रमाण मांगे हैं और 15 दिन में रिजवी द्वारा प्रमाण नहीं दिए जाने पर रिजवी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कराने की बात कही है।

तनवीर की आरंभिक शिक्षा एक मदरसे में ही होने की बात कहते हुए नोटिस में रिजवी के वक्तव्य पूरे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत होने की बात कहते हुए इस स्टेटमेंट को माफी के नाकाबिल बताया गया है स रिजवी के वक्तव्य में भारत के मुसलामानों के लिए बेहद ही घटिया और नागवार शब्दों का प्रयोग होने, इस स्टेटमेंट के बाद तनवीर के गैर मुस्लिम दोस्तों द्वारा तनवीर को मुस्लिम होने के कारण हीन भावना से देखने और इनसे तनवीर को व्यक्तिगत रूप से घोर आघात पंहुचने के कारण तनवीर के कुंठाग्रस्त हो जाने और मुस्लिम होने के नाते तनवीर की मानहानि होने की बात भी नोटिस में कही गई है, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता ने एक विशेष बातचीत में बताया कि यदि वसीम रिजवी 15 दिनों में अपने स्टेटमेंट की सत्यता के प्रमाण नहीं दे पाए तो उनके खिलाफ अदालत के माध्यम से कानूनी कार्यवाही कराकर दण्डित कराया जाएगा।

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