गुरु जी बने भू-माफ़िया, कैसे पार हो बच्चों की नैया

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कौशाम्बी: मुख्यालय के एक शिक्षक ने भू माफ़िया बनने की ठान रखी है। पिछले कुछ वर्षों मे ही वह करोड़ों की ज़मीन का मालिक बन बैठा है। परिषदीय विद्यालय मे शिक्षण कार्य से विरत होकर इन दिनों ज़मीन जोड़ने का नशा सवार है। जनपद मे शिक्षा का स्तर पहले ही निम्नतनम  स्तर पर है। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक बच्चों के प्रति शिक्षकों की उदासीनता इसको और रसातल की ओर ले जा रही है। ऐसे मे शिक्षकों का भू-माफ़िया बनने का शौक़ कोढ़ मे खाज का काम कर रहा है।
जनपद मुख्यालय मंझनपुर मे पिछले लगभग एक दशक मे ज़मीन के तमाम सौदागर देखे गए। इन सौदागरों मे कुछ ने पैसे के साथ नाम भी कमाया तो कुछ की दो जून की रोटी का इंतजाम ज़मीन की ख़रीद फ़रोख़्त से संभव हुआ। इन दिनों क़स्बे के रहने वाले एक सफ़ेद पोश शिक्षक पर ज़मीन का बुखार सिर चढ़ कर बोल रहा है। मास्टर साहब इन दिनों बच्चों को शिक्षित करने के बजाय भू माफ़िया बनने की होड़ मे शामिल हैं। एक शिक्षक के ऐसे कृत्यों से बच्चों के भविष्य पर ख़तरा मँडरा रहा है।
नौनिहालों की शिक्षा के साथ ऐसे खिलवाड़ की बात कोई नई नही है। पहले भी जनपद मे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा है। प्राथमिक शिक्षा की कमज़ोरी के चलते ही आज कौशाम्बी शिक्षा के क्षेत्र मे नक़ल की मंडी के रूप मे जाना जाता है। अधिकारी और ज़िम्मेदारों ने इस पर ग़ौर नही किया तो जनपद मे शिक्षा और भयावह होते देर नही लगेगी।

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