जानें, म्यूचुअल फंड निवेशकों पर सेंसेक्स की बड़ी उछाल का क्या होगा असर?

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बड़े ऐलान के बाद शेयर मार्केट झूम उठा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कॉर्पोरेट टैक्स के साथ अन्य राहत के लिए सरकार 1.45 लाख करोड़ खर्च करेगी। वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट टैक्स को 30 प्रतिशत के घटाकर 22 फीसदी करने का ऐलान किया है जो कि जीडीपी का 0.7 प्रतिशत है (1.45 ट्रिलियन) है। शेयर मार्केट ने इस ऐलान पर तुरंत मोहर लगाते हुए उड़ान भरनी शुरू कर दी। सेंसेक्स में 2200 अंकों की उछाल देखी गई और यह 1921 अंकों की उछाले के साथ 38,014.62 पर बंद हुआ।
इसके बाद जाहिर सी बात है कि इक्विटी इन्वेस्टर खुश हैं और इनमें इक्विटी म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर भी शामिल हैं। फंड अडवाइजर और फाइनैंशल प्लानर एसआर श्रीनिवास का कहना है, ‘यह इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। लेकिन लॉन्ग टर्म में आपके रिटर्न पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह मार्केट के सेंटिमेंट्स के हिसाब से अच्छा है।’

इसके अलावा वित्त मंत्री ने 1 अक्टूबर के बाद की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स की दर 15 पर्सेंट रखने का ऐलान किया है। इसके अलावा इक्विटी गेन की सेल पर सरचार्ज हटाने और MAT दर को 18.5 प्रतिशत के घटाकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया गया।

सरकार के ये कदम निवेश दरों के लिए कैटलिस्ट की तरह काम करेंगे। कॉर्पोरेट कमाई बढ़ने से ग्राहकों को भी लाभ मिलेगा और इससे मांग में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर भी आकर्षित होंगे। ऐक्सिलेंट इन्वेस्टरर अडवाइजर पुनीत कुमार का कहना है, ‘मार्केट में कुछ समय के उछाल या गिरावट को देखकर निवेश की रणनीति में बदलाव नहीं करना चाहिए। मार्केट का उछलना या गिरना निवेश का हिस्सा है। अगर मार्केट में उछाल आती है तो आपके निवेश का ज्यादा रिटर्न मिलेगा।’

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