रूस-यूक्रेन मामले में अमेरिका और चीन में अनबन-

डेस्क रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध में रूस के पक्ष में खड़े शी जिंपिंग ने हाल में दिए बयान में कहा कि विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को वैश्विक शांति स्थापित करने के लिए अपने रिश्तों के सही दिेशा देने की जरूतर है। 

24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले के बाद पहली बार जिंपिंग और बाइडन की बात हो रही थी। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की माने, तो अमेरिका केवल ये जानना चाहता था कि रूस-यूक्रेन युद्ध पर चीन का क्या रिएक्शन होगा, चीन इसमें क्या भूमिका निभाएगा?

अब अमेरिका के सेक्रेट्री ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकिन ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस का साथ देने वाले देशों को भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दरअसल अमेरिका चीन को ये संकेत देना चाहता है कि अगर उसने युद्ध में रूस का साथ दिया तो उसे भी आर्थिक रूस की तरह ही अमेरिका से प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। चीन ने अबतक वैश्विक पटल पर यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए रूस का विरोध नहीं किया है साथ ही इसको लेकर खुलकर सामने भी नहीं आया है। 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *