खतरे की आशंका में पत्रकार सुनील ने खरीदे थे रिवाल्वर,दो वर्ष पहले हुई थी इन्हीं के घर में डकैती

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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : इकलौते बेटे के मौत ने पत्रकार सुनील तिवारी के कलेजे पर इतना चोट पहुंचाया था कि अन्दर से पूरी तरह से टूट चुके थे.सुनील ने घर के दरवाजे पर खुद को ही रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। इकलौते बेटे के मौत से अवसाद के दौर से गुजर रहे मृतक पत्रकार सुनील तिवारी के इस परिवार के लिए रविवार को उस समय एक और झटका लगा जब बूढ़े मां बाप का सहारा रहे पत्रकार सुनील तिवारी द्वारा खुद को गोली मार आत्मा हत्या करने की खबर पत्रकार सुनील की तिवारी की पत्नी तक पहुची। पहले बेटे को खो चुकी मां अब अपने पति की मौत के बाद बेसुध पडी है।
गौरतलब हो कि रविवार को खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले पत्रकार सुनील तिवारी के घर घरेलू मामले को लेकर पंचायत चल रहा था.इसके बाद पत्रकार तिवारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के रतनवा निवासी 45 वर्षीय पत्रकार सुनील तिवारी घरेलू पंचायत के बाद बेटे की मौत से आहत खुद को गोली मारकर जान दे दी। पहले बेटे की हुई मौत अब पत्रकार तिवारी के मौत के बाद इस गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
[object Promise] परिवार पर टूटा विपत्ति का पहाड
कहना न होगा कि कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र गांव रतनवा निवासी मृतक पत्रकार सुनील तिवारी के परिवार पर हाल ही में एक 12 वर्षीय लड़के की मौत से विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा था.पत्रकार सुनिल तिवारी के इकलौते बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी.पत्रकार मृतक सुनील तिवारी अपने मां-बाप व पत्नी के साथ गांव में रहकर जीवन-यापन कर रहे थे.मृतक सुनील तिवारी के बड़े भाई विजय तिवारी कि माने तो 45 वर्षीय सुनील तिवारी रविवार को सुबह लगभग साढ़े 11 बजे दरवाजे पर सीढि़यों पर गुमशुम बैठे थे.और पिता श्री नाथ तिवारी अंदर आंगन में थे.मां शांति भोजन बना रही थीं.इसी बीच अचानक गोली की आवाज सुनकर जब बाहर पहुंचे तो सुनील का शव सीढ़ी के नीचे दरवाजे पर खून से लथपथ पड़ा मिले.पत्नी रीना तिवारी मायके में है।
[object Promise] बेटे के गम में डूबे तो उबर न सके थे सुनील
पत्रकार सुनील तिवारी को हाल के दिनों में इकलौते बेटे की मौत ने हिला दिया। इस घटना के बाद से वह बेहद उदास रहने लगे थे.सुनील के पिता श्रीनाथ तिवारी किसान हैं.जबकि बड़े भाई विजय तिवारी गोरखपुर में सेल्समैन हैं.और वहीं रहते हैं.घर पर सुनील अपने माता-पिता के साथ रहते थे.पत्नी रानी तिवारी अपने पैतृक गांव धमउर थाना रामपुर कारखाना जिला देवरिया में शिक्षामित्र हैं और अधिकांश समय वहीं रहतीं हैं 12 वर्षीय इकलौता बेटा रीशू भी मां के साथ ही रहता था.सितंबर में तेज बुखार से बेटे की मौत हो गयी थी.घटना के बाद से रीना अवकाश लेकर कुछ दिनों तक ससुराल में रहीं. इसके बाद मायके चली गईं, तबसे वह यहां आती-जाती रहतीं थीं,लेकिन सुनील तनाव में रहने लगे.घटना वाले दिन भी रीना अपने मायके में थीं.रिश्तेदारों ने फोन कर उन्हें घटना की जानकारी दी गई थी।
[object Promise] खतरे की आशंका में खरीदे थे रिवाल्वर
छह अक्टूबर 2018 की रात सुनील के घर में डकैती हुई थी.असलहे से लैस डकैत जेवर,नकदी व मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात उठा ले गए थे.इस घटना के बाद से ही सुनील ने अपनी सुरक्षा के लिए रिवाल्वर खरीदा थे।

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