शाहजहांपुर । पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने 24 अगस्त को वीडियो वायरल कर उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लिया। कोर्ट के आदेश पर एसआइटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। छात्रा के पिता की ओर से स्वामी चिन्मयानंद पर अपहरण का मुकदमा, जबकि स्वामी के अधिवक्ता की ओर से अज्ञात के खिलाफ पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज है।
पूर्व गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली एसएस लॉ कॉलेज की पूर्व छात्रा ने आज पहली बार मीडिया के सामने आकर मुह खोला। पीड़िता ने पत्रकारो से बातचीत करते हुए एक बार फिर स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और एक साल तक उसके साथ शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुबूत होने के बावजूद उप्र पुलिस स्वामी चिन्मयानंद पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश की पुलिस से जान का खतरा बताया।
स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा ने उत्तर प्रदेश की पुलिस से जान का खतरा बताते हुए कहा कि डीएम ने भी उसके पिता को धमकाया। उनके निलंबन की मांग उठाई। बोली कि एक साल से मेरा शारीरिक शोषण किया जा रहा था। मेरे पास पर्याप्त सुबूत हैं, सही समय आने पर सौंपूंगी।
छात्रा ने यह भी कहा कि स्वामी ने उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। पीडित छात्रा बोली कि एसआइटी ने उससे 11 घंटे पूछताछ की। सवाल-जवाब से कोई दिक्कत नहीं है मगर आरोपित को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। कहा कि साउथ दिल्ली लोधी कॉलोनी थाने में जीरो क्राइम नंबर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है।
अब उत्तर प्रदेश की पुलिस उस मुकदमे का स्थानान्तरण लेकर स्वामी को गिरफ्तार करे। आरोप लगाया कि पुलिस शासन व प्रशासन के दबाव में है इसलिए यहां रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं है। डीएम पर आरोप लगाया कि उन्होंने पापा को धमकाया इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो।
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