डेस्क। योगी आदित्यनाथ देश के उन मुख्यमंत्रिओं में से एक हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर खूब प्रसिद्धि पाई है। इसी कड़ी में बिहार में इन दिनों योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के बुलडोजर के साथ उनकी मूर्ति वाली गुल्लक की खूब चर्चा हो रही है। आप सभी को बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ की मूर्ति वाली गुल्लक उनके एक मूर्तिकार फैन ने बनाई है।
इसको नाम दिया गया है योगी गुल्लक। यह छोटा सा गुल्लक हूबहू CM योगी की मूर्ति की तरह है। योगी आदित्यनाथ का ये गुल्लक मिट्टी पकाकर बनाया गया है। इस मूर्ति वाली गुल्लक में योगी आदित्यनाथ को भगवा कपड़ा, जो वह धारण करते हैं में ही दिखाया गया है।
इसे बनाने वाले मूर्ति कलाकार जयप्रकाश कुमार का कहना है कि वे सीएम योगी के कार्यों से बहुत प्रभावित हुए हैं और वह उनके लिए कुछ विशेष करना चाहते थे तो उन्होंने ऐसा किया। बता दें कि इससे पहले वे पीएम नरेंद्र मोदी की मूर्ति वाली गुल्लक भी बना चुके हैं। जय प्रकाश ने बताया कि एक मूर्ति को बनाने में कम से कम दो दिन का समय लगता है। और उन्होंने दो महीने में कुल 7 मूर्तियां बनाई है। ये सभी मूर्तियां वह अकेले ही बनाते है।
मूर्तिकार जयप्रकाश का कहना है कि, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को बचाने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं और सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश बचाने के लिए। तो उन्होंने पैसे बचाने के लिए और उन्हें विशेष सम्मान देने के लिए यह गुल्लक बनाई हैं। बता दें कि इस गुल्लक में करीब 1 लाख रुपये (सिक्के और नोट दोनों) आसानी से जमा किये जा सकते हैं।’
जयप्रकाश ने इससे पहले मोदी गुल्लक बनाया था जिसकी डिमांड चुनावी मौसम में भी काफी अधिक रही थी। ऐसे में अब गुल्लक को तैयार करने के बाद जयप्रकाश इसका उपयोग बच्चों के बीच पीएम मोदी के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के संदेशो को फैलाने के लिए करेंगे।
अपने मूर्ति बनाने की कला के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘ये हुनर मुझे विरासत में मिली है। मेरे दादाजी और पिताजी भी मिट्टी के बर्तन बनाने का काम किया करते थे। उनको देख-देखकर 12 साल की उम्र में सबसे पहले मैंने एक मिट्टी का घड़ा बनाया था। इसके बाद मैंने मिट्टी के बर्तन और फिर मूर्ति बनाना शुरू कर दिया। आगे उन्होंने कहा कि, मैं मोदी और योगी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ इसलिए उनकी मूर्ति वाली गुल्लक बनाया है।
जयप्रकाश ने कहा कि उनका सपना है कि वह अपनी कलाकृति को सीएम योगी आदित्यनाथ को मिलकर उन्हें उपहार के तौर पर भेंट में दें।
Leave a Reply