डेस्क। इंटरार्क कंपनी से निकाले गये कर्मचारियों के बच्चों ने बीते दिनों श्रम भवन कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इसी दौरान इन बच्चों ने फैक्ट्री में गैरकानूनी तालाबंदी, तीन महीने का वेतन न मिलना सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज भी उठाई। बच्चों कंपनी मण्डल पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया। मांगे पूरी न होने पर बच्चो ने श्रम भवन में 8 जून को बाल पंचायत करने का भी ऐलान किया है।
बता दें कि प्रदर्शनकारी बच्चों का कहना है कि इंटर्राक कंपनी ने उनके परिजनों को बिना किसी कारण के नौकरी से निकाल दिया है।
इस मामले को लेकर जब हाईकोर्ट में गुहार लगाई गई तो प्रबंधन ने कंपनी में ताला बंदी कर दी। कंपनी के इस असामयिक निर्णय से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों के पास बच्चों की स्कूल फीस भरने तक के पैसे नहीं हैं जिसके बाद ही बच्चों ने इस इंसाफ की लड़ाई का बीड़ा उठाया हैं।
बच्चों की पहली मांग यही है किनकंपनी में की गई तालाबंदी को खोल कर सभी कर्मचारियों को फिर से काम पर रखा जाए।
बच्चों ने कहा 1 जून को कुमाऊं कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि दो दिन के भीतर एडवांस में तीन माह का वेतन, कंपनी की तालाबंदी खुलवाने जैसी कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा। लेकिन अभी तक कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश का पालन नहीं हुआ है। बच्चों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नही किया गया तो वह अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे।
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