क्या एकनाथ शिंदे हुए इस्तेमाल? महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़

महाराष्ट्र की सियासत में हुआ है बड़ा धमाका! क्या एकनाथ शिंदे हुए हैं इस्तेमाल?

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों खूब हलचल मची हुई है। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एकनाथ शिंदे वास्तव में बीजेपी के हाथों इस्तेमाल हो रहे हैं? क्या अजित पवार ने शरद पवार को धोखा दिया? क्या बीजेपी अब महाराष्ट्र में अपनी सत्ता को मजबूत करने में कामयाब हो गई है? इन सभी सवालों के जवाब इस लेख में जानेंगे।

एकनाथ शिंदे: क्या बीजेपी ने किया इस्तेमाल?

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करके बीजेपी का साथ दिया और सरकार बनाई। लेकिन अब उनके हाथों में सत्ता का कितना वास्तविक अधिकार है, यह एक बड़ा सवाल है। मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें उम्मीद के मुताबिक विभाग नहीं मिले। मुख्यमंत्री पद की रेस में भी उन्हें पीछे छोड़ दिया गया। क्या बीजेपी ने उनका इस्तेमाल करके अब किनारे कर दिया है?

शिंदे की मुश्किलें

शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में पूरी तरह से फंस चुके हैं। एक तरफ बीजेपी का दबाव है, तो दूसरी तरफ उनके समर्थक उनसे अपनी उम्मीदें रखे हुए हैं। विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 57 सीटें जीती, जबकि 2019 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना को केवल 56 सीटें मिली थीं। लेकिन यह बीजेपी की 132 सीटों के मुकाबले काफी कम हैं। इस तरह से शिंदे के लिए पार्टी बदलना भी बेहद मुश्किल हो गया है, उन्हें जो बीजेपी कहेगी, वो ही मानना होगा।

मुख्यमंत्री पद से वंचित

शिंदे मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन बीजेपी ने उन्हें इस पद से वंचित रखा। उन्हें गृह और राजस्व मंत्रालय की भी उम्मीद थी, लेकिन बीजेपी ने यह मंत्रालय भी खुद ही रख लिया। अब जो कुछ शिंदे को मिला है, उसी में उनको संतोष करना है। उनकी महत्वाकांक्षाओं पर बीजेपी ने पूरी तरह से पानी फेर दिया है।

महाराष्ट्र में नए समीकरण

मंत्रिमंडल विस्तार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक साथ मंच पर थे। लेकिन मंच पर उन तीनों की बैठने की व्यवस्था ने एक बड़ा सन्देश दिया। फडणवीस और पवार साथ बैठे थे, शिंदे दूर बैठे थे। इससे समझा जा सकता है कि अब नए समीकरण सामने आ गए हैं, जहाँ शिंदे का महत्व कम हो गया है।

अजित पवार का उदय

अजित पवार ने भी शरद पवार के साथ मतभेद के बाद बीजेपी का समर्थन किया। उनकी यह हरकत उन्हें महाराष्ट्र की सत्ता में प्रमुख भूमिका दिलाने में कामयाब हुई है। क्या उनके साथ भी शिंदे जैसा ही व्यवहार होगा भविष्य में?

एकनाथ शिंदे और अजित पवार: अस्तित्व की लड़ाई

एकनाथ शिंदे का आज जो हाल है, अजित पवार का भविष्य भी वैसा ही दिखता है। दोनों ने अपने ही दलों में बगावत करके बीजेपी को सत्ता दिलाई। शिंदे ने उद्धव ठाकरे, और पवार ने शरद पवार को किनारे किया। लेकिन अब यह देखना है कि आगे चलकर बीजेपी इन दोनों के साथ कैसे व्यवहार करेगी।

बीजेपी का अगला कदम

बीजेपी ने महाराष्ट्र में शिंदे और पवार का भरपूर इस्तेमाल किया, लेकिन अब इन दोनों की उपयोगिता कम होती जा रही है। अब उनका क्या होगा यह आने वाला वक्त ही बता पाएगा।

Take Away Points

  • महाराष्ट्र की सियासत में आए बड़े बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • क्या एकनाथ शिंदे का सियासी भविष्य खतरे में है?
  • अजित पवार का उभार शिंदे के लिए चेतावनी है या फिर एक संयोग?
  • बीजेपी महाराष्ट्र में कैसे अपने भविष्य की योजना बना रही है?

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