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पडरौना, कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बलकुडिया मे एक सनसनी खेज मामला प्रकाश मे आया है।छ माह पूर्व जिस प्रेमिका ने अपने प्रेमी के घर भर को जेल से बचाई।और प्रेमी संघ परिणय सूत्र मे बध गई।वहीं छ माह बाद ही प्रेमी व उनके परिजनो ने बीती रात प्रेमिका पर धारेदार हथियार से प्रहार कर उसे मौत का घाट उतारने का प्रयास किया गया। घायल वस्था मे दरवाजे पर पडी प्रेमिका को पुलिस ने उपचार के लिए सरकारी अस्पताल कोटवा बाजार भेजवाया और प्रेमी के पिता को पकड थाने ले चली गई ।
मिली जानकारी के अनुसार बलकुडिया गांव की चांदनी और उसी गांव के सजातीय सुजीत एक बर्ष पूर्व प्रेम प्रसग चलती थी। जिसके बाद मामला उजागर हो गया तो चादनी के पिता ने सुजीत के घर जाकर शादी की बात रखी।जिसके बाद सुजीत के पिता ने इंकार कर दिया । इस बात से चादनी को झटका लगा और चादनी ने सुजीत से ही शादी करने का मन बना लिया । क्योंकि चादनी व सुजीत की दोस्ती शादी के बंधन मे बधने की बात पर ही हुई थी।सुजीत के घर वाले बिल्कुल तैयार नही थी। मामला विगड गया जिसके बाद थाने पर चादनी ने तहरीर सौपा जिसके बाद थाने परिसर मे पंचो ने मिलकर दोना पक्षो को समाझाबुझाकर सुजीत व चांदनी की शादी थाने के ही बगल मे करा दिया था। विदाई की तिथि तय कर दी गई थी।विदाई के तिथि तक ससुराल से चादनी के घर कोई खबर नही पहुचा तो चादनी ससुराल खुद चली गई।चादनी को ये पता नही था मेरे पति के घर के लोग इतना दगाबाज निकलेगें कि घर मे घुसने नही देगें।इस घटना के बाद चादनी वहीं कडाके धूप मे अनशन पर बैठ गई।और एक सप्ताह तक प्रेमी के दरवाजे पर प्रेमिका अनशन पर बैठी रही। जिसका पुलिस अधिक्षक ने संज्ञान लिया और थानाध्यक्ष नेबुआ नौरंगिया को मौके पर भेजा।जिसके बाद थानाध्यक्ष निर्भय सिंह ने मौके पर पहुचकर चादनी के तहरीर पर सुजीत जयसवाल, सुरेश जयसवाल, विटटू व ध्रमेन्द्र जयसवाल के विरुद्ध 498 ए,323,504,506,376 व3/4 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर सुजीत को जेल भेज दिया।
जिसके बाद चादनी को जब पता चला कि दगाबाज बलमा जेल गया वह अपने आपको रोक नही पाई और न्यायालय मे जाकर न्यायालय के समझ एक साथ जीने मरने की कसम खाकर उसे जेल से छुडाकर वापस अपने पास लाई।लेकिन दगाबाज प्रेमी जो अब उसका पति बन है। और उसके परिवार अपने आदतों से बाज नही आए और बीती रात चादनी की हत्या का योजना बनाकर उसे मारेपीटे व उससे भी जी नही भरा तो उसका गला दबाने के साथ उसके उपर धारेदार हथियार से प्रहार कर दिए। लेकिन चादनी किसी तरह से बच गई और चिल्लाने लगी। इसी दौरान बगल के किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर जब पुलिस पहुची तो उन्होंने देखा कि चादनी प्रेमी के दरवाजे के सामने बेहोशी हालत मे जमीन पर पडी हुई थी। जिसे उपचार के लिए पुलिस सरकारी अस्पताल कोटवा के लिए भेज दिया।और सुजित के पिता सुरेश को अपने हिरासत मे लेकर थाने चली गई। चादनी का आरोप है कि हमारे दगाबाज बलमा सहित उसके परिजनो पर जान से मारने का प्रयास किया। अब मुझे उनपर भरोसा नही है। मुझे न्याय चाहिए । जबकि वहीं पुलिस मामले की छानबीन में जुट हुई है।
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