रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
अमेठी।देश करोना महामारी संकट की मार को झेल रहा है लेकिन विद्यालय का प्रबंध तंत्र डाकू से भी बदतर बर्ताव पर उतारू है, अप्रैल मई-जून की फीस नहीं लेनी चाहिए इसके बावजूद स्कूलों से अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है, अमेठी- रायबरेली के लगभग लाखों अभिभावकों का रोजगार छिन गया है लगभग कई हजार अभिभावक अपने बच्चों को न पढ़ा पाने को मजबूर हैंइसलिए तीन माह की फीस माफ करने हेतु मदद की मांग उठाई है और यह भी मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार अपनी नीति स्पष्ट करें और इस वर्ष कोई भी स्कूल फीस न बढ़ाए फरवरी-मार्च में ही 10% फीस बढ़ा चुके हैं।लोगो की राहत के लिए ट्यूशन फीस छोड़कर अन्य फीस न ली जाए अधिकांश स्कूल (एक्टिविटी,एडमिशन) फीस वसूलते हैं स्कूल बंद है फिर भी ट्रांसपोर्ट जमा करने का दबाव बना रहे हैं।करोना के कारण बेरोजगार हुए लोगों का काम बंद है नौकरियों पर विकराल संकट है,।अमेठी जनपद की सीमा के कुछ दूर पर स्थापित रायन इंटर नेशनल स्कूल रायबरेली,एस जे एस,सेंटपिटर्स व एल पी एस से बात करने पर स्कूल द्वारा बताया जाता है कि विद्यालय को प्रदेश व देश की सरकार से किसी प्रकार का संरक्षण व मदद नही मिलती ऐसे में हम आम लोगों की कोई सहायता नही करते – अर्थात (शिक्षा का अधिकार के तहत भी कोई कानून नहीं लागू होता)ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी जी से निवेदन है कि इस मामले पर कड़ा निर्णय लेते हुए अभिभावकों को राहत एवं भारत के भविष्य कल के भावी नागरिक अपनी शिक्षा को ग्रहण कर सकें तथा एकता अखंडता एवं भारत की प्रगति में अग्रणी भूमिका में सदैव की भांति निरन्तर बने रहें।
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