ऑप्टस स्टेडियम: क्या टॉस ही है असली बॉस? पर्थ टेस्ट मैच की पूरी कहानी!

ऑप्टस स्टेडियम: क्या टॉस ही है असली बॉस? पर्थ टेस्ट मैच की पूरी कहानी!

पर्थ का ऑप्टस स्टेडियम! भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले पहले टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले ही इस मैदान ने क्रिकेट जगत में अपनी खास पहचान बना ली है। क्या आप जानते हैं कि यहां टॉस जीतने वाली टीम ने अब तक हर बार मैच जीता है? जी हाँ, आपने बिलकुल सही सुना! इस लेख में हम आपको ऑप्टस स्टेडियम के रोमांचक इतिहास, पिच के मिजाज़, और आने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच की संभावनाओं से रूबरू करवाएंगे।

ऑप्टस स्टेडियम का इतिहास: टॉस की बादशाहत

ऑप्टस स्टेडियम में अब तक कुल 4 टेस्ट मैच खेले गए हैं, और हर बार ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता है। ज़्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि हर बार ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है, और हर बार जीत हासिल की है! ये कोई सामान्य संयोग नहीं बल्कि एक ऐसा तथ्य है जिसने सबको हैरान कर रखा है। क्या ये आने वाले मैच में भी जारी रहेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

भारत का बुरा अनुभव

2018 में ऑप्टस स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत को 146 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। नाथन लायन ने उस मैच में 8 विकेट लेकर टीम इंडिया की कमर तोड़ दी थी। इसके बाद के मैचों में भी ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड और वेस्टइंडीज़ को हराया। हाल ही में पाकिस्तान के साथ हुए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 360 रनों से जीत दर्ज की। क्या भारत इस बार ऑस्ट्रेलियाई दबदबे को तोड़ पाएगा, ये देखना वाकई रोमांचक होगा।

ऑप्टस स्टेडियम की पिच: तेज गेंदबाजों का राज़

ऑप्टस स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां की पिच बाउंस और गति देती है, जो तेज गेंदबाजों के लिए बेहतरीन है। इस स्टेडियम में अब तक का सबसे अधिक स्कोर ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ़ बनाया था (598/4), और सबसे कम स्कोर पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ (89 रन)। इसका मतलब साफ़ है कि इस पिच पर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ायदा तेज गेंदबाजों को अधिक होता है।

स्पिनरों के लिए चुनौती

हालांकि, स्पिनरों को थोड़ी मदद मिलती है, लेकिन तेज गेंदबाजों का ही ज़्यादा दबदबा इस पिच पर देखा गया है। इस पक्षपात को ध्यान में रखते हुए, ये रोमांचक होगा कि क्या भारतीय स्पिनर कोई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

वाका स्टेडियम की विरासत

ऑप्टस स्टेडियम के बगल में स्थित वाका स्टेडियम का अपना ही अहम इतिहास है। इस मैदान को दुनिया की सबसे तेज पिचों में से एक माना जाता था, और यहाँ कई महान बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यहीं पर सचिन तेंदुलकर ने 1992 में अपने बेहतरीन शतक जड़े थे। लेकिन वाका में पिछला टेस्ट मैच 2017 में खेला गया था, उसके बाद ऑप्टस स्टेडियम ने क्रिकेट का केंद्र बिंदु बनने का काम शुरू कर दिया है।

भारत और वाका

वाका स्टेडियम पर भारत ने 4 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से केवल एक में उसे जीत हासिल हुई है। यह बताता है कि ऑस्ट्रेलिया में जीत कितनी मुश्किल काम हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया ने इस स्टेडियम पर 25 टेस्ट मैच जीते हैं, जबकि भारत का एक जीत दर ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ होने वाले वर्ल्डकप मैच की तुलना में बहुत ही कम है।

क्या होगा पर्थ टेस्ट का नतीजा?

तो, ऑप्टस स्टेडियम में होने वाले भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच को लेकर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं। टॉस की अहमियत को देखते हुए दोनों ही कप्तान पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। तेज गेंदबाजों और बल्लेबाज़ों का मुकाबला देखने लायक होगा। यह रोमांचकारी मुकाबला निश्चित ही क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचित कर देगा।

टेक अवे पॉइंट्स:

  • ऑप्टस स्टेडियम में टॉस जीतना काफी मायने रखता है।
  • स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के लिए बेहतरीन है।
  • भारत को इस मैदान पर अच्छे परिणामों के लिए खास रणनीति बनानी होगी।
  • पर्थ टेस्ट मैच क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक अनुभव होगा।

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