India population:– कल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कई रिपोर्ट ऐसी सामने आई जिसने भारत की चिंता बढ़ा दी। क्योंकि रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि आगे आने वाले सालों में भारत की जनसख्या चीन से ज्यादा होगी ओर जनसंख्या वृद्धि के मामले में भारत एक नम्बर पर होगा। रिपोर्ट के सामने आते ही इसपर राजनेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गया। बढ़ती जनसंख्या को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ओर बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि किसी भी देश की बढ़ती हुई जनसख्या को किसी विशेष धर्म से जोड़कर देखना बिल्कुल गलत है। देश की बढ़ती जनसंख्या सभी के लिए बड़ा संकट है।
नकवी का यह बयान सामने आते ही लोगो ने इसे योगी आदित्यनाथ के बयान से जोड़ दिया। योगी आदित्यनाथ ने जनसख्या वृद्धि को लेकर बयान दिया था कि एक वर्ग की बढ़ती आबादी देश के लिए बड़ा संकट साबित हो सकती है। भारत की तेजी से बढ़ती जनसख्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा था कि भारत की जनसंख्या चीन से अधिक हो सकती है यह वास्तव में चिंता का विषय है। वही नकवी ने कहा है कि बेतहाशा बढ़ती जनसख्या किसी मज़हब की नहीं पूरे मुल्क की मुसीबत है।
बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट किसी मज़हब की नहीं,मुल्क की मुसीबत है,इसे जाति,घर्म से जोड़ना जायज़ नहीं🙏 #populationday2022
— Mukhtar Abbas Naqvi (@naqvimukhtar) July 11, 2022
मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर क्या बोले यूजर्स;-
एक यूजर कहता है कि कुछ हद तक आपकी बात सही है सर पर यह सच है कि देश मे आबादी कौन सा वर्ग बड़ा रहा है।यह वर्ग अगर अपने बीच मे दूसरे वर्ग के लोगों को रहने नही देना चाहता।पर सब ऐसे नही है। एक अन्य यूजर कहता है कि बिलकुल.. कानून बनना तो बहुत जरूरी है ,,..बस नेता लोग उसका जाति/धर्म वाला एंगल न खोज ले और राजनीति न शुरू कर दे। एक यूजर आगे कहता है कि जनसंख्या विस्फोट किसी मजहब की नही, मुल्क की मुसीबत है लेकिन उत्पन्न मजहब ने की हो तो कह नही सकते यदि किसी के २ से अधिक हो तो सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो और मताधिकार तो अवश्य बंद हो देश की समस्या स्सवतः की सुलझ जाएगी कानून कठोर हो।
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