केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को गोवा में ‘वेटलैंड्स (आद्र्रभूमि) बचाओ’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत कार्यो में अगले एक साल के दौरान आद्र्रभूमि के महत्व के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना, आद्र्रभूमि मित्र के कवरेज को बढ़ाना और आद्र्रभूमि संरक्षण के लिए नागरिक भागीदारी का निर्माण करना शामिल होगा। उन्होंने संरक्षण और प्रबंधन के प्रयासों की निगरानी के लिए दक्षिण गोवा के कचरेरेम में गोवा की पहली रामसर साइट नंदा झील का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नंदा झील के साइनबोर्ड का अनावरण किया।
भूपेंद्र यादव ने विभिन्न राज्यों के आद्र्रभूमि प्रबंधकों से बातचीत की और उपलब्धियों और चुनौतियों के बारे में उनके अनुभव जाने। उन्होंने पारिस्थितिक, आर्थिक और जलवायु सुरक्षा हासिल करने में आद्र्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने नंदा झील को रामसर स्थल के रूप में नामित करने में राज्य को समर्थन देने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोवा सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा, “सभी ने जैव विविधता स्थलों के महत्व को महसूस किया है। हम भविष्य में और अधिक रामसर स्थलों की पहचान करने की कोशिश करेंगे। प्रवासी पक्षी गोवा आते हैं। हमारा राज्य न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि प्रवासी पक्षियों के लिए भी सुरक्षित है, क्योंकि यहां पक्षियों को कोई नहीं मारता।”
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