आगरा, शहर की लाइफ लाइन एमजी रोड पर गुरुवार को भिक्षावृ़त्ति रोकने को लेकर अभियान चलाया गया। तीसरे पहर तक चले अभियान के दौरान एमजी रोड के चौराहों से भीख मांगते 14 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। एंटी ह्मूमन ट्रैफिकिंग थाने,चाइल्ड लाइन और थानों के बाल अधिकारी इस अभियान में शामिल रहे। इससे चौराहों पर भीख मांगते बच्चों और उनके अभिभावकों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया। समिति ने बच्चों के अभिभावकों को हिदायत देकर उनके सुपुर्द किया। वहीं जिन बच्चों के अभिभावक नहीं आए, उन्हें राजकीय शिशु गृह में रखने के निर्देश दिए।
एसएसपी बबलू कुमार ने तीन दिसंबर को मानव तस्करी निरोधक थाने समेत सभी 42 थानों के साथ बैठक की थी। एसएसपी ने पुलिस को भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने एमजी रोड पर सर्वे करके भीख मांगने वाले 45 बच्चों को चिन्हित किया था। इसमें महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगती हैं। जबकि आठ से 12 साल की उम्र के बच्चे चौराहों पर भीख मांगते मिले थे। नरेश पारस ने चिन्हित बच्चों की सूची एसपी सिटी कार्यालय को सौंपी थी।
गुरुवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने ने थानों में तैनात बाल अधिकारियों और चाइल्ड लाइन की टीम के साथ सुबह दस बजे से अभियान शुरू किया। इस दौरान न्यू आगरा, हरीपर्वत, लोहामंडी, रकाबगंज आैर सदर थाना क्षेत्र में आने वाले एमजी रोड के प्रमुख चाैराहों पर अभियान चलाया। इससे भीख मांगने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में अफरातफरी मच गई। वह पुलिस को देखते ही संकरी गलियों में जाकर गुम हाे गए। इंस्पेक्टर एंटी ह्मूमन ट्रैफिकिंग थाना कमर सुल्ताना ने बताया कि तीसरे पहर तक चले अभियान में पुलिस ने 14 बच्चों को रेस्क्यू किया। इन सभी को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया है। समिति ने अभिभावकों को हिदायत देकर बच्चों को उनके सुपुर्द किया।
इन जगहों पर किया गया था सर्वे
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने एमजी रोड समेत प्रमुख स्थानों पर सर्वे किया। इसमें शाह मार्केट, संजय प्लेस हरीपर्वत, प्रतापपुरा,तहसील और शहर के अन्य चौराहे शामिल थे।
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