भोपाल। लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद केंद्र के साथ ही राज्यों में भी सियासी हलचल तेज हो गई है।मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में चले जाने का दावा किया है। बीजेपी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
समाचार चैनल टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी का एक प्रतिनिधी मंडल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने गया है। इस सियासी घटनाक्रम के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में बीजेपी एमपी में कमलनाथ सरकार को अल्पमत में बताकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।
गौरतलब है कि बीजेपी के पास मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 231 सीटों में से बीजेपी के पास 109 हैं जबकि 113 सीटों के साथ कांग्रेस सत्ता पर काबिज है। साल 2018 विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए। इन चुनावों में बहुमत के लिए जरूरी 116 सीटें कोई भी पार्टी जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थी।
कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे 114 सीटें मिलीं जो बहुमत से 2 सीटें कम थीं. दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी रही थी जिसे 109 सीटें मिली थीं। मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 2 सीटें मिली थीं। वहीं समाजवादी पार्टी भी 1 सीट जीतने में कामयाब रही थी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत के लिए दो सीटों की जरूरत थी।
बसपा के दोनों विधायकों और सपा के एक विधायक के समर्थन के बाद कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा छू पाने में कामयाब हुई थी। मध्य प्रदेश में अगर बसपा के 2 विधायक अपना समर्थन वापस ले लेते हैं तो कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी. बसपा प्रमुख मायावती चुनावी सभाओं में कांग्रेस पर लगातार हमलावर रही है।
वहीं बीजेपी ने अब दावा किया है कि कांग्रेस की सरकार अल्पमत में है. बीजेपी मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने गई है.। रिपोर्ट्स के अनुसार मध्यप्रदेश में विपक्ष और बीजेपी के नेता गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखा है और तुरंत विधानसभा का आपातकालीन सत्र बुलाने की मांग की है। पत्र में दावा किया गया है कि राज्य में कमलनाथ सरकार ने बहुमत खो दिया है।
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