Partha Chatterjee TMC:- क्या ममता की सादगी पर भारी पड़ेगी शाही जिंदगी

राजनीति: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सादगी के लिये जानी जाती है। उनकी सादगी उन्हें अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग बनाती है। वह हमेशा सूती साड़ी, साधारण कार, हवाई चप्पल में दिखाई देती है। उन्हें लाइमलाइट से ज्यादा जनता से जुड़कर राजनीति करने में दिलचस्पी रहती है। ममता बनर्जी ने अपनी सादगी से पश्चिम बंगाल की जनता के दिल मे अपनी अलग जगह बना रखी है।

ममता बनर्जी आम आदमी की तरह सड़को पर पद यात्रा करने निकलती है। उन्हें जनता का अच्छा समर्थन मिलता है और उनके पीछे लाखो कीं भीड़ चल देती है। साल 2021 में जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पहुंची तो उन्होंने कहा कि उनके पास खुद का मकान नही है। वह आम जनता की तरह जीना चाहती है उनकी समस्याओं से जुड़कर रहना चाहती है। ममता का यह अंदाज लोगो को खूब पसंद आया और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिये कोई नेता नही उभर पाया।
लेकिन अब एक सवाल हर किसी के मन मे उठ रहा है कि सादगी से जीने वाले ममता बनर्जी के मन्त्री शाही जीवन जी रहे हैं। यह सवाल तब उठा जब ईडी ने पार्थ चटर्जी को हिरासत में लिया। उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुए। ईडी ने दावा किया है कि अर्पिता के घर से उन्हें 55 करोड़ कैश मिल चुका है। वही जब इस मामले का खुलासा हुआ तो ममता बनर्जी शान्त थी उन्होंने इस मामले पर कुछ नही बोला।
ममता की चुप्पी जनता को परेशान कर रही थी लोगो के मन मे सवाल था की दीदी ने मौन क्यों धारण कर रखा है। भाजपा लगातार ममता बनर्जी सरकार को सावालो के घेरे में खड़ा कर रही थी उनके खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन वह चुप होकर सब देख रही थी। लेकिन कल ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटा दिया। 
ममता बनर्जी ने कहा कि पैसा एक महिला के घर से मिला है मैं अभी इस मामले में कुछ नही बोलूंगी। क्योंकि यह बड़ा खेल है। अब सवाल यह उठता है कि ममता बनर्जी की चुप्पी और पार्थ चटर्जी की शाही जिंदगी क्या पश्चिम बंगाल मे ममता की सादगी को आहत करेगी। क्या अब पश्चिम बंगाल की जनता के मन मे ममता की सादगी पर संदेह होगा क्या पार्थ की गलती ममता बनर्जी की साधारण सोच पर भारी पड़ेगी और उनके राजनीतिक सफर को प्रभावित करेगी।

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